राज्य कर्मचारी घोषित करने समेत 16 सूत्रीय मांगों को लेकर दूसरे दिन भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रदर्शन जारी रहा। संगठन की जिलाध्यक्ष रीता सिंह के मुताबिक, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं काफी दिनों से अपनी मांगों को लेकर वेतन संघर्षरत हैं।फिर भी इनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।उन्होंने कहा कि कार्यकत्रियों को कम से कम 18 हजार और सहायिकाओं को 9 हजार रुपए मानदेय दिया जाए।मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सामान्य योग्यता और सामन्य कार्य के आधार पर कार्यकत्रियों के बाराबर मानदेय दिया जाए।
रीता सिंह ने कहा कि बिहार की तर्ज पर कार्यकत्रियों और मातृ समिति के खातों में पोषाहार का धन भेजा जाए।जिससे पौष्टिक खाद्य सामग्री का वितरण किया जा सके।आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को योग्यता एवं वरीयता के आधार पर शत प्रतिशत मुख्य सेविका के पद पर प्रमोशन दिया जाए।उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं का मानदेय रुका है उनका भुगतान जल्द से जल्द करवाया जाए।आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को होमटेक राशन का सत्यापन प्रधानों से अलग रखा जाए।स्कूल की तरह आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्मी की छुट्टी स्वीकृत की जाए।