कछौना (हरदोई): त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत लोकतंत्र की प्रथम इकाई के रूप में ग्राम पंचायतों को सशक्त करने के लिए पंचायतों को सुदृढ़ व सक्षम स्वरूप प्रदान करने के लिए पंचायत पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र का आधार स्तंभ है, जो सत्ता के कद्दावर लोगों के बैठने के कारण खोखली साबित हो रही है। जनता ने अपने क्षेत्र के विकास के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों को चुनकर ब्लॉक के सदन में भेजा है। परंतु सत्ता पक्ष के कद्दावर नेताओं के काबिज होने के कारण क्षेत्र पंचायत सदस्य केवल गिनती बन कर रह जाते हैं। क्षेत्र के विकास में कोई योगदान नहीं रहा जाता है। केवल सत्ता पर काबिज लोगों का सिस्टम चलाता है। बैठकें कागजों पर चलती हैं। सत्ता पक्ष के लोग ही लाखों रुपयों का बंदरबांट करते हैं। लोकतंत्र की बातें केवल किताबों में अच्छी लगती हैं। ब्लॉक मुख्यालय पर क्षेत्र पंचायत सदस्य को सम्मान तक नहीं मिलता है, क्योंकि क्षेत्र में चर्चा के अनुसार क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपनी कीमत के बदले धनराशि लेकर अपने को गिरवी रख दिया है। यही परंपरा हमेशा से चली आ रही है। सरकार चाहे किसी पार्टी की हो, पार्टी का एजेंडा एक ही रहता है, लाखों रुपये चुनाव में खर्च कर साम दाम दंड भेद से ब्लॉक की सत्ता पर काबिज हो जाना है। यहां तक आरक्षण के तहत चुनकर आए वंचित समाज के लोग केवल मोहर स्टांप बन कर रह जाते हैं।
इस व्यवस्था से आजिज आकर कुछ क्षेत्र पंचायत सदस्यों का जमीर जिंदा हुआ, उन्होंने सोमवार को चली आ रही इस व्यवस्था के खिलाफ ब्लॉक मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर खण्ड विकास अधिकारी को ज्ञापन दिया। दिए गये ज्ञापन में क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने ब्लॉक कक्ष में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के चित्र व बापू महात्मा गांधी के चित्र को न लगाए जाने पर नाराजगी जताई। इसके बाद ब्लॉक कर्मियों ने आनन-फानन में महानुभाव के चित्र लगाये। क्षेत्र पंचायत के सदस्यों की सभी समितियों को सक्रिय किया जाए। उनके सुझाव व प्रस्ताव को प्राथमिकता दी जाए। ब्लॉक कार्यालय में क्षेत्र पंचायत के कार्यों को बाहरी लोगों से न कराया जाए एवं उन्हें बाहर किया जाए जो कानून के खिलाफ है। निर्धारित अवधि में बैठकें आयोजित की जाएं। क्षेत्र पंचायत के कार्यों की कार्य योजना, एस्टीमेट व भुगतान पर चल रही कमीशन खोरी का तत्काल बंद किया जाए, सभी कार्यों को पारदर्शिता के साथ कराया जाए। आधी आबादी महिला व अनुसूचित समाज की महिला प्रमुख को सम्मान दिया जाए, उनके स्थान पर दूसरा काबिज न हो।
इस प्रदर्शन में क्षेत्र पंचायत सदस्य गण लक्ष्मी देवी, शशीदेवी, राहुल, विमलेश कुमार, रजनी, अनिल कुमार, जगदीश, राम रती, बबली देवी, सदा प्यारी, संतोष कुमार, पवन कुमार, पूरन, बंसीलाल आदि ने मुखर होकर विरोध प्रदर्शन किया। सभी ने बताया कि जब तक न्याय नहीं तब तक वह अपने अधिकार व क्षेत्र के विकास के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
रिपोर्ट- पी०डी० गुप्ता