कछौना (हरदोई): सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में कोतवाली कछौना में शनिवार को एक दिवसीय भारतीय किसान यूनियन द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें किसानों के विभिन्न मुद्दों जैसे उपज का समर्थन मूल्य, भ्रष्टाचार, आवारा पशुओं, अवैध मिट्टी खनन, राशन व्यवस्था में कालाबाजारी आदि पर आवाज उठाई गई। धरना प्रदर्शन में दूरदराज के सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
प्रदर्शन में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष श्यामू शुक्ला ने नेतृत्व करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों से लोक-लुभावने वादे तो किए परंतु उन वादों को असली जामा पहनाने को लेकर मुकर गई। किसानों की आय दुगुनी करने का वायदा कोरी कल्पना है।बकाया गन्ना मूल्य पंद्रह दिनों में देने का वायदा किया जिसे आज तक पूरा नहीं किया गया। पूर्व में जिला शाहजहांपुर में आयोजित किसान कल्याण रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धान का समर्थन मूल्य 1750 रूपये किया था परंतु किसी भी किसान का धान नहीं खरीदा गया। राईस मिलर्स व बिचौलियों के गठजोड़ के चलते किसानों को अपनी उपज का वाजिब मूल्य नहीं मिला। गांव-गांव आवारा पशुओं की समस्या से किसान परेशान हैं।सरकार ने जहां जिला प्रशासन को दस जनवरी तक आवारा पशुओं को गौ-सेवा आश्रय स्थल पर पहुचाने का समय दिया है वहीं अगर इसके बाद गांव में आवारा पशु नजर आए तो पकड़ कर जिला मुख्यालय में बंद करने का कार्य करेंगे।
संडीला तहसील के औद्योगिक क्षेत्र, रैसों आदि में प्रशासन व पुलिस मिलीभगत से अवैध मिट्टी खनन जेसीबी से अनवरत चल रहा है जिससे सड़कों को नुकसान होने के साथ साथ पर्यावरण पर भी खतरा मंडरा रहा है।
किसान यूनियन की ओर से 13 बिंदुओं का ज्ञापन लेते हुए प्रभारी निरीक्षक जावेद अहमद ने कहा कि हमारे द्वारा कानून का पालन किया जाएगा। किसी किसान को पुलिस द्वारा गलत प्रताड़ित नहीं किया जाएगा। वहीं कछौना पुलिस द्वारा किसानों को लड्डू खिलाकर मैत्रेयी पुलिस का परिचय भी दिया गया।
प्रदर्शन के अवसर पर जिला उपाध्यक्ष राजेश सिंह, मंडल उपाध्यक्ष डब्लू सिंह, दीपू शुक्ला, रामसहाय, तहसील अध्यक्ष शाहाबाद राहुल मिश्रा, बेचेलाल कनौजिया, सत्यवीर सिंह, बबलू सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।