● नोटों की हरियाली की चमक में जांच समिति भी क्लीन चिट देने को तैयार ।
कौशांबी। चरवा गांव में विकास कार्यों में जमकर धांधली हुई है। ग्राम प्रधान ने सचिव को दबाव में लेकर करोडों की रकम बिना कार्य निकाल लिया है। विकास योजनाओं की रकम हड़पने की भनक लगते ही एक ग्रामीण ने जनसूचना मांग लिया। सूचना में लगभग दो करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा होते ही सीडीओ ने समिति बनाकर जांच शुरु करा दी है। लेकिन अफसरों की मिलीभगत से महीनों बीतने के बाद फाइल धूल फांक रही है। साथ ही इस बीच प्रधान ने बचत के लिए कुछ कार्य करा दिया है।
चायल ब्लाक के चरवा गांव में विकास योजनाओं में जमकर धांधली हुई है। आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में गांधी चबूतरा सौंदर्यीकरण, सोलर लाइट, विद्यालय कायाकल्प, नाली निर्माण, खडंजा, हैण्डपम्प सहित कई योजना का एक करोड़ बानबे लाख रुपये (19200000) पुराने कार्यो को दिखाकर निकाल लिया था। इस बीच गांव के कुछ लोगों को इसकी भनक लग गई। इस पर एक ग्रामीण ने जनसूचना मांग लिया। पहले तो सेक्रटरी ने जनसूचना देने में हीलाहवाली की।
लेकिन जब कोर्ट के निर्देश पर अफसरों ने दबाव बनाया तो जनसूचना दे दिया। सूचना में करोड़ो के घोटाले की पोल खुलते ही अफसरों के हाथपांव फूल गए। तत्कालीन सीडीओ इन्द्रसेन सिंह ने मामलें को सज्ञान में लेकर दो सदस्यीय टीम जाँच के लिए नियुक्त कर दिया। लेकिन अफसरों की मिलीभगत से महीनों से जांच अधर में लटकी है। मौका पाकर प्रधान कुछ काम भी पूरा करा डाला है। हालांकि इसके अलावा भी प्रधान के कई घोटाले है। अगर गहनता से जांच हुई तो कई घोटाले खुलकर सामने आएंगे। इस बाबत मुख्य विकास अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी का कहना है कि मामला संज्ञान नहीं है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
———जिला ब्यूरो चीफ IV24 News कौशांबी से मंसुरिया दीन मौर्य की रिपोर्ट की रिपोर्ट