भाजपा विधायक को सीएमओ ने बनाया बंधक, ट्रांसफर को लेकर हुआ विवाद

आशीष सिंह आशू किसी से ऊँची आवाज में बात तक नहीं करते तो वह गाली क्या देंगे ?

 राघवेन्द्र कुमार राघव-

एक एएनएम रोशनी कनौजिया के ट्रांसफर को लेकर सीएमओ आफिस में बखेड़ा खड़ा हो गया। भाजपा विधायक जैसे ही सीएमओ कार्यालय में घुसे कार्यालय के मेन गेट में कर्मचारियों ने ताला डाल दिया। वहीं सीएमओ ने विधायक के ऊपर अभद्रता, गाली-गलौच व धमकी देने का आरोप लगाया है। दोनों के बीच विवाद से ऑफिस में हड़कंप की स्थिति बनी रही। फिलहाल दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जरूर चला, लेकिन किसी ने कोई तहरीर पुलिस को नही दी है। लेकिन सीएमओ ने डीएम, एसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग भी की है।

                 मल्लावां बिलग्राम से भारतीय जनता पार्टी के विधायक आशीष सिंह आशू शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। वह यहां एक एएनएम के ट्रांसफर की शिफारिश करने गए थे। विधायक का कहना है कि उनको जनता ने चुना है । एएनएम हरपालपुर में तैनात है और उनके क्षेत्र की रहने वाली है । ऐसे में वह उम्मीद लेकर आई थी, जिसके सिलसिले में कई बार सीएमओ को कहा गया लेकिन सुना नही गया तो वह उनके पास गए थे। इसी को लेकर बात बढ़ी तो सीएमओ ने कर्मचारियों के द्वारा मेन गेट का ताला बंद करा दिया । इसी बीच जब मामले की जानकारी भाजपाइयों को लगी तो युवामोर्चा के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह के साथ भारी संख्या में समर्थक सीएमओ कार्यलय में जमा हो गए । जिसके बाद गेट खोला गया ।
                 सीएमओ डॉक्टर पीएन चतुर्वेदी का कहना है कि उनके पास एक शिफारिश मंत्री ब्रजेश पाठक की आयी थी, जिसके ऊपर कार्यवाही कर दी गयी । हालांकि जहां विधायक कह रहे थे वहां कोई पद खाली नहीं है । ऐसे में ट्रांसफर करना सम्भव नही था । बस इसी बात से नाराज विधायक ने उनके कमरे में घुसते ही कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया और अभद्रता करते हुए गाली गलौज कर धमकी दी । इस मामले में दोनों पक्षों ने कोई तहरीर नही दी है ।

विधायक और सीएमओ के अपने अपने दर्द


इस मामले में विवाद के बाद दोनों ने अपने अपने दर्द बयां किये। विधायक का कहना है कि अब जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाएगा यह नहीं सोचा था। जनता ने हमें चुना है तो उनकी अपेक्षाएं भी हैं । वहीं सीएमओ डॉक्टर पीएन चतुर्वेदी का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को भी हमे सम्मान देना चाहिए । क्या अधिकारी सिर्फ गाली खाने के लिए ही बना है ?


क्षेत्रीय लोगों की मानें तो विधायक आशीष सिंह आशू किसी से ऊँची आवाज में बात तक नहीं करते तो वह गाली क्या देंगे ? मामला चाहें जो भी रहा हो वह हम नहीं जानते लेकिन आशू भैया जनता के हित के लिए लड़ने वालों में हैं और वह जनता के लिए ही लड़ रहे हैं । रही बात गाली-गलौच के आरोप की तो वह विरोधियों की चाल लगती है ।