● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
आज (८ जुलाई) पश्चिमबंगाल मे कराये जा रहे पंचायत-चुनाव मे आठ कार्यकर्त्ताओं की हत्या की जाने की सूचना मिली है। इसमे कूच बिहार, मुर्शिदाबाद तथा मालदा के मतदान-केन्द्रों मे तृणमूल काँग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के गुण्डे अपनी खुली गुण्डई से मतदान को प्रभावित करते आ रहे हैं।

तृणमूल काँग्रेस के छ:, भारतीय जनता पार्टी और भारतीय कम्युनिष्ट (मार्क्सवादी) पार्टी के एक-एक कार्यकर्त्ताओं की हत्या कर दी गयी है। इनके अतिरिक्त एक निर्दलीय प्रत्याशी के अभिकर्त्ता (एजेण्ट) की भी हत्या की जा चुकी है।
सूचना दी जा रही है कि उक्त चुनाव मे तेरह लोग मारे गये हैं। भारतीय जनता पार्टी की ओर से उसके चार कार्यकर्त्ताओं की हत्या करने का आरोप लगाया जा रहा है।
इनके अतिरिक्त मतदान-केन्द्रों मे तोड़-फोड़ और लूट-पाट के कुकृत्य किये गये हैं। ये सभी रक्तिम घटनाएँ पुलिसकर्मियों की मौजूदगी मे घटी हैं, जिसकी जितनी भी भर्त्सना की जाये, अत्यल्प है।
वैसे ऐसी घटनाएँ चौंकानेवाली नहीं हैं; क्योंकि देश के जिस-जिस राज्य मे किसी भी प्रकार के राजनैतिक चुनाव कराये जाते रहे हैं उस-उस राज्य के सत्ताधारियों और उसके नियन्त्रण मे रहनेवाले निर्वाचन-आयोग और सम्बद्ध समस्त प्रशासन के अधिकारियों का पक्षपातपूर्ण आचरण रहा है। ऐसे मे, सभी मुख्यमन्त्रियों को अपना कृत्य अनुशासित और न्यायप्रिय करना होगा, अन्यथा ऐसा हर राज्य मे होता रहेगा और अर्थहीन आरोप-प्रत्यारोप लगाये जाते रहेंगे; लेकिन मतदाता उससे प्रभावित होकर मतदान के प्रति उदासीन दिखते नज़र आयेंगे, जो कि किसी भी लोकतान्त्रिक देश के लिए लज्जास्पद है।
(सर्वाधिकार सुरक्षित― आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ८ जुलाई, २०२३ ईसवी।)