बदायूँ: जिलाधिकारी कुमार प्रशान्त एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी ने ग्राम करतौली में मलेरिया से पीड़ित घरों का निरीक्षण किया। इस गांव में एक घर में पीएफ से तीन व पीवी से एक बच्चा संक्रमित है। डीएम को चिकित्सक ने अवगत कराया कि बच्चे एनिमिया से भी ग्रस्त प्रतीत हो रहे हैं। बच्चों को अत्यन्त कमज़ोर दशा में देखकर डीएम ने उनको जिला चिकित्सालय में रक्त चढ़ाने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने निर्देश दिए कि गांव के जिन पात्र परिवारों का राशन कार्ड न बना हो तो शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर राशन कार्ड बनवाकर इनको खाद्यान उपलब्ध कराया जाए व संक्रमित बच्चों को मच्छरदानी भी उपलब्ध कराई जाए।
डीएम ने पाया कि गांव में जो तालाब है, वह बहुत ही गंदा है। ऐसा भी हो सकता इसकी गंदगी के कारण यहां मच्छर अधिक पनपते हों, जिससे मलेरिया का खतरा बढ़ रहा है। डीएम ने खण्ड विकास अधिकारी एवं ग्राम प्रधान को निर्देश दिए कि तालाब की सफाई कराकर इसमें गम्बूसिया मछली छोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मलेरिया विभाग को डीडीटी का छिड़काव एवं पंचायती राज विभाग को साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। निगरानी समितियों को निर्देश दिए कि प्रवासी मजदूरों पर तो नज़र रखें ही, साथ ही सतर्क रहकर गांव में मलेरिया के प्रति भी जागरुकता फैलाएं। उन्होंने ग्रामीणों से गांव में साफ-सफाई करने के निर्देश दिए हैं।
गत वर्ष जिन व्यक्तियों को मलेरिया हुआ था उनके पुनः सैम्पल लिए जाएं। उन्होंने कहा कि एमओआईसी युद्ध स्तर पर कार्य करना प्रारंभ कर दें, जिससे प्रभावित क्षेत्रों को समय से नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने कहा कि विशेष सावधानी बरती जाए एवं साफ-सफाई का भी खास ख्याल रखा जाए। पीएफ मलेरिया की खुराक 3 दिन और मलेरिया पीवी की खुराक 14 दिन खाना होती है। इसी गांव में मनरेगा के अन्तर्गत 75 मजदूर नाले में खुदाई का कार्य कर रहेे थे, डीएम ने इसका भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि फिजीकल डिस्टंेसिंग का पालन करते हुए कार्य करें, किसी भी समस्या के लिए कंट्रोल रूम पर फोन करें।