जगन्नाथ शुक्ल, इलाहाबाद-चलो सब मिल मनाएं भैया दूज,
देवि समान सभी बहन को पूज!
भाई बहन का है रिश्ता अनूठा ,
भैया अब मत बहना पर खीझ!!
चलो……………………… …………..।।१।।
आज के दिन बहना घर जाना,
बहना का मन हर्षित हो जाना!
यम के कोप से रक्षा व्रत रख,
बहना हर लेती भाई का रुज!!
चलो……………………… ……………।।२।।
सम्पूर्ण धरा में व्याप्त है ये रिश्ता,
हर बहन के लिए है भाई फ़रिश्ता!
बहन यमुना जी की करती आरती,
माँ भैया के जीवन में न हो साँझ!!
चलो……………………… ……………..।।३।।