स्कूल और बच्चों के लिए जारी होते करोड़ों रूपयों को डकारता भ्रष्टाचार

रिपोर्ट- पी. डी. गुप्ता-


कछौना(हरदोई): योगी सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रयासरत है। परंतु विभागीय अधिकारी उनकी मंशा पर पलीता लगा रहे हैं। जिससे आम जनमानस में योगी सरकार के प्रति भरोसे में कमी आ रही है। सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य व बेहतर माहौल के लिए सरकारी स्कूलों में करोड़ों रुपया पानी की तरह खर्च कर रही है लेकिन यह धन वास्तव में बच्चों के सर्वांगीण विकास में लग रहा है और लगेगा इसमें सन्देह है ।

बताते चलें कि सरकारी स्कूलों में अच्छे परिवेश के लिए विद्यालयों में विद्युतीकरण के लिए करोड़ों रुपया खर्च किया गया जिससे नौनिहाल को गर्मी के मौसम में पंखा के माध्यम से हवा मिल सके व एच०सी०एल० फाउंडेशन के माध्यम से लगाए गये प्रोजेक्टर सुचारू रूप से चल सकें। लेकिन जमीनी स्तर पर सिर्फ गिनती के विद्यालयों में ही सही तरीके से वायरिंग, पंखे व बल्ब लगे हो। कहीं पंखे गायब हैं। कहीं-कहीं बल्ब के दर्शन भी नहीं है। कहीं-कहीं वायरिंग टूटी पड़ी है। कई बार विद्युतीकरण के नाम पर धनराशि व्यय होने को विकासखंड कछौना के मात्र 20 स्कूलों में विद्युत कनेक्शन लिए गए हैं जो पूरी व्यवस्था की पोल खोल रही है। ऐसे में “कैसे पढ़ेगा-कैसे बढ़ेगा कछौना”।

पूरे मामले को जनहित में *जय हिंद जय भारत मंच* ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारी के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है। दिए गए पत्र में बताया है कि वर्ष 2009 में जिले के समस्त परिषदीय विद्यालयों में विद्युतीकरण कराया गया था। करोड़ों रुपया खर्च होने के बाद भी जमीनी स्तर पर किसी भी विद्यालय में सुचारु रुप से विद्युतीकरण नहीं कराया गया था। जिस धनराशि का बंदर-बांट हो गया था। जिसके कारण विद्यालयों में कटिया डालकर ऐन केन प्रकारेण विद्युत आपूर्ति ली जा रही है। इसके बाद वर्ष 2012, वर्ष 2017 व वर्ष 2014 में विधानसभा व लोकसभा चुनाव में पोलिंग बूथों पर बनाये गये परिषदीय विद्यालयों पर विद्युतीकरण के नाम निर्गत राशि कागजों पर खर्च कर दी गई है। जिसकी शिकायत *जय हिंद जय भारत मंच* ने जनसुनवाई के माध्यम से जिलाधिकारी से की परंतु जिलाधिकारी ने जिसके खिलाफ शिकायत उसी को जांच सौंप दी। जिस पर जांच अधिकारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आख्या भ्रामक व गुमराह करने वाली लगा कर निस्तारण कर दी। जिस पर जय हिंद जय भारत मंच ने पुनः जनसुनवाई के माध्यम से शिकायत की जिसके खिलाफ हो उससे न जांच कराके उच्च स्तरीय मजिस्ट्री जांच कराकर दोषी ठेकेदार व अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। विद्युतीकरण के नाम पर विभागीय अधिकारियों ने करोड़ों रुपयों का घोटाला किया है।

काम के नाम पर केबल तार खींच कर बल्ब लटका दिए गए थे। विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा कार्य नही कराये गये बल्कि चहेते ठेकेदारों से कराया गया था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के दबाव के चलते खंड शिक्षा अधिकारी रिपोर्ट के माध्यम से धनराशि की चेकें ले ली गई थी। करोड़ों रुपया खर्च होने के बाद भी जमीनी स्तर पर परिषदीय विद्यालयों में विद्युत आपूर्ति नहीं चल रही है। अवर अभियंता राजेश गौतम के अनुसार विकासखंड कछौना के मात्र 20 विद्यालयों के विद्युत कनेक्शन चल रहे हैं शेष विद्यालयों के जुगाड़ से कटिया डालकर विद्युत आपूर्ति चल रही है ऐसे में नौनिहाल बच्चों का जीवन पूरी तरह से खतरे में है।