किसान की शीशम की लकड़ी जेई साहब उठा ले गये !

● किसान की शीशम की लकड़ी चुपचाप उठा ले गए शारदा नहर के दबंग जेई, देने से कर रहे इनकार

● मानक विहीन पटरी मरम्मत कार्य करवा कर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना ।

हरदोई। विकास खंड कछौना के अंतर्गत शारदा नहर लखनऊ ब्रांच से निकलने वाले समसपुर माइनर की पटरी का मरम्मत कार्य प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत महमदपुर पुलिया तक करवाया गया । जिसमें मात्र खानापूर्ति कर दी गई । उक्त माइनर पर स्थित किसान के बगीचे में पड़ी कीमती शीशम की लकड़ी को शारदा नहर के जेई ने जबरिया उठाकर अपने ऑफिस में रखवा लिया । लकड़ी पाने के लिए किसान ऑफिस की लगातार परिक्रमा कर रहा है किन्तु जेई लकड़ी देने के लिए राज़ी नहीं हो रहे हैं ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शारदा नहर लखनऊ ब्रांच से निकलने वाला समसपुर माइनर की पटरी मरम्मत का कार्य महमदपुर की पुलिया समसपुर की पुलिया तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत कार्य करवाया गया । जिसमें शारदा नहर के जेई दिलीप यादव के द्वारा पटरी पर मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति करवा कर पल्ला झाड़ लिया गया । उक्त माइनर पर राजकुमार सिंह पुत्र प्रतिपाल सिंह निवासी महमदपुर का लगभग पांच बीघा का बाग है जिसमें कुछ समय पहले एक पेड़ माइनर की पटरी पर पलट गया था । जेई के द्वारा मरम्मत कार्य के दौरान किसान को पेड़ हटवाने के लिए मेट के द्वारा सूचना दी । उसके बाद किसान के द्वारा उक्त पेड़ की लकड़ी को दिनांक 25/08/ 2020 को अपने लेबर करके पेड़ को कटवा कर, कटी हुई लकड़ी अपने खेत में रखवा दी । लेकिन जेई साहब की लकड़ी पर नीयत खराब हो गई और 26/8/20को वह चुपचाप लकड़ी को उठाकर अपने कार्यालय पर डलवा लिया । पेड़ मालिक को जब यह पता चला कि मेरी लकड़ी सिंचाई विभाग के जेई उठा ले गए हैं तो उसने कार्यालय जाकर पता किया । वहां पर उपस्थित चौकीदार ने बताया कि जेई साहब के आने पर ही आप की लकड़ी मिलेगी । पेड़ मालिक लगातार जेई के मोबाइल पर संपर्क करता रहा लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया । जिसके बाद कार्यालय का चक्कर काट रहे किसान की मुलाकात एक दिन जेई दिलीप यादव से हो गई । किसान ने अपनी लकड़ी वापस मांगी तो उन्होंने आधी लकड़ी देने की बात कही । किसान के द्वारा पूरी लकड़ी वापस मांगे जाने पर शारदा नहर के जेई दिलीप यादव ने दबंगई दिखाते हुए लकड़ी न देने की बात कही । इस प्रकार से तानाशाह सिंचाई विभाग के जेई से किसान काफी नाराज एवं परेशान है।