कछौना (हरदोई): सरकार जहां गांव-गांव अच्छी सड़क का ढिंढोरा पीट रही है। लेकिन आजादी के 71 वर्ष बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की हालत बदहाल है। मार्ग में गड्ढे होने के कारण आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने ग्राम कोरिहाना से कमलापुर तक सड़क निर्माण की मांग मुख्यमंत्री से जनसुनवाई के माध्यम से की है।
विकास खण्ड कछौना की ग्राम कोरिहाना से विकास खण्ड कोथावां के ग्राम कमालपुर तक कच्चा मार्ग है, जिसकी दूरी लगभग दो किलोमीटर है। जिस पर दस हजार आबादी के ग्रामीणों का प्रतिदिन आवागमन रहता है। यह मार्ग ग्राम रानीखेड़ा, अटवा भदसेन, बिराहिम पुर आदि दर्जनों गांवों के ग्रामीणों का आवागमन का मुख्य साधन है। यह मार्ग महज दो विकास खण्डों को जोड़ता है।
इस मार्ग में जगह-जगह गड्ढे होने के कारण पूरा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो गया है। जिससे राहगीरों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग पर कई प्राथमिक विद्यालय स्थित हैं। लेकिन मार्ग की दुर्दशा होने के कारण आये दिन नौनिहाल बच्चे गिर रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं, चुटहिल होने पर व्यक्तियों को कच्चा मार्ग होने के कारण एंबुलेंस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता है। जिसके चलते आए दिन कोई न कोई मौत के घाट उतर जाता है।
सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रजीत यादव ने बताया कि मार्ग की दुर्दशा के बारे में जिम्मेदार अधिकारियों से लेकर शासन तक पत्र दे चुके हैं। परन्तु किसी अधिकारी ने सुध लेना मुनासिब नहीं समझा है। इस संदर्भ में खण्ड विकास अधिकारी ने बताया कि इस मार्ग का थोड़ा हिस्सा हमारी विकास खण्ड कछौना की ग्राम सभा हथौड़ा में आता है। बाकी का हिस्सा दूसरे विकास खण्ड कोथावां के हिस्से में आता है। ऐसी स्थिति में पूरे मार्ग की मरम्मत कराना संभव नहीं है। अपने हिस्से के निर्माण की बात पर खंड विकास अधिकारी कछौना कन्नी काट गये। इस संदर्भ में क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। शासन को प्रस्ताव भेजकर शीघ्र ही निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए कभी भी ग्रामीण जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
रिपोर्ट- पी०डी० गुप्ता