बारिश और ओलावृष्टि में फसलें बर्बाद, लेकिन कंपनी का टोल फ्री नम्बर बंद

हरदोई– भारतीय कृषक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित एडवोकेट एवं पंचनद संयोजक समाजसेवी अवनिकांत बाजपेई ने  प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री की कृषि बीमा एक अच्छी योजना है लेकिन वह धरातल पर आकर धड़ाम हो गई। इस योजना में किसान बुरी तरह ठगे जा रहे हैं क्योंकि बैंक उनके खाते से प्रीमियम तो काट लेती है लेकिन हानि होने पर किसान को ये भी पता नहीं होता कि वह क्लेम कैसे करे?

भीषण बारिश और ओलावृष्टि में किसान की फसल बर्बाद हो गई लेकिन कंपनी का टोल फ्री नम्बर बंद है और कोई उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है। क्या सरकार बीमा कंपनी पर कार्यवाही करते हुए कृषकों को बर्बाद फसलों का बीमा कम्पनियों से मुआवजा दिलाएगी? श्री दीक्षित ने सरकार को सुझाव दिया कि कृषकों के हित में बीमा बैंक से करते समय ही बैंक से पालिसी जारी होनी चाहिए। राजस्व और चकबंदी विभाग पर भी प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि छोटे-छोटे विवादों में मुकदमे तय समय से ज्यादा वर्षो तक निपटाये नहीं जाने के कारण अधिकतर गांवो में नफरत बढ़ती जा रही है। मामूली विवाद होते हैं और सालों-साल चलने वाले मुकदमे में अधिक धन व्यय होता है। 

आज सरकार जहां जल संकट को लेकर गंभीर है वहीं जनपद में अमृत सरोवर योजना मुंह चिढ़ा रही है। भूमाफिया ताल कब्जा कर रहे हैं और प्रशासन मौन है। छुट्टा गौवंश से किसानों की फसल बर्बाद हो गई। मेरा अपना निजी दस बीघा गेहूं जानवरों का झुण्ड चर गया। शासन और प्रशासन की नजर में गोपशु आश्रय स्थल सही से काम कर रहे हैं और लाखो रुपए पशुआहार पर खर्च होते हैं फिर भी गोवंश सड़क पर हैं। क्या सरकार को गोलमाल होता नहीं दिख रहा? इसकी जांचकर कार्यवाही होनी चाहिए। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भारतीय कृषक दल के जिलाध्यक्ष सर्वेश पांडेय, पेंशनर संघ के जिलाध्यक्ष बुद्धि सागर शुक्ला, गजेन्द्र सिंह, एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष रामदास दीक्षित मौजूद रहे।