कोथावाँ प्रा०वि० का हाल, बच्चों को दूध और फल नहीं दे रहे जिम्मेदार

कागजों पर सिमट कर रह गया गोपार गाँव का विकास

राहुल मिश्र, बघौली

विकासखंड अहिरोरी की ग्राम सभा गोपार में शासन द्वारा प्रदत्त सेवाएं धरातल पर नही उतर सकी हैं । ढुलमुल नीतियों और अशिक्षा के कारण लोग के हिस्से का विकास उन तक नहीं पहुंच पा रहा है ।

जहां शासन की मंशा है कि प्रत्येक झोपड़ी या मिट्टी के बने हुए मकान में रहने वाले लोगों को आवास मुहैया कराया जाए वहीं जिम्मेदार कुम्भकर्णी नींद में सो रहे हैं । विकास योजनाएं ग्रामसभा गोपाल में दम तोड़ती हुई दिखाई पड़ती है । जहां एक और लोगों के बड़े-बड़े मकान बने हैं वहीं दूसरी ओर अभी भी कई लोग मिट्टी के बने घरों व छप्परों के नीचे अपना जीवन यापन करने को विवश हैं ।

इस अभाव की जिंदगी जीता जागता उदाहरण गोपार के सियाराम पुत्र भन्नू हैं । जिन पर न कभी शासन की नजर पड़ी और न ही प्रधान की । वह पिछले कई वर्षों से अपने कच्चे घर में छप्पर के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं । जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर गया ही नहीं । गोपार ग्राम सभा में और भी कई मामले हैं जो कि आपको अगली कड़ी में मिलेंगे ।