अंकित सक्सेना बदायूँ-
डीएम ने पौधारोपण महाकुंभ (9अगस्त) हेतु सुपरवाइजर स्टैटिक, सेक्टर एवं जोनल मजिस्ट्रेट को पौधे लगवाने के लिए कड़े निर्देश दिए है। पौधारोपण अभियान को सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दे।
जिलाधिकारी ने एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए कि किसान सम्मान निधि योजना में लाभ से वंचित पात्र किसानों की सूची तहसीलदार लेखपालों के माध्यम से तत्काल उपलब्ध कराएं जिससे उन्हें योजना का लाभ समय से दिया जा सके। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में जनपद के छूटे हुए सभी कृषक ऑनलाइन आवेदन कराना सुनिश्चित करे। कुछ कृषकों को पात्र होते हुए भी इस योजना का लाभ नही मिल सका है ऐसे सभी किसानों का आवेदन कराया जाए। अभिलेखीय त्रुटिवश उनके नाम फीड नही किये जा सके है ऐसे सभी छूटे हुए पात्र किसान आधार कार्ड, बैंक पासबुक तथा खतौनी की प्रति व घोषणापत्र उपलब्ध कराकर अपना नाम लाभार्थी सूची में ऑनलाइन दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए।
डीएम ने कहा कि कन्या सुमंगला योजना में प्रदेश सरकार द्वारा जन्म से लेकर स्नातक तक बेटियों को पैसा दिया जाएगा जिससे शिक्षा पूर्ण कर सके। महिला कल्याण विभाग द्वारा आवेदन लिए जा रहे है। इस योजना का लाभ दो बच्चों तक ही होने पर मिलेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, आशा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा ग्राम प्रधानों के सहयोग से इस योजना को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। कन्या सुमंगला योजना छः श्रेणियों में लागू होगी। प्रथम श्रेणी में बालिका का जन्म होने पर दो हजार रुपए, द्वितीय श्रेणी बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त एक हजार रुपए, तृतीय श्रेणी कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरान्त दो हजार रुपए, चतुर्थ श्रेणी कक्षा छः में बालिका के प्रवेश के उपरान्त दो हजार रुपए, पंचम श्रेणी कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश के उपरान्त तीन हजार रुपए तथा छठा श्रेणी ऐसी बालिका जिन्होंने कक्षा 12वी उत्तीर्ण करके स्नातक अथवा 02 वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो एक मुश्त धनराशि पांच हजार रुपए दिए जाएगे। योजना के अन्तर्गत जिन बालिकाओं का जन्म एक मार्च, 2019 या उसके पश्चात हुआ हो योजना से लाभान्वित की जाएगी।
डीएम ने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि बिना अनुमति के कोई भी मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। समस्त अधिकारी मुख्यालय पर ही रात्रि विश्राम करेंगे जिसका अचानक निरीक्षण भी कराया जाएगा जो अधिकारी मुख्यालय पर रात्रि विश्राम नहीं कर रहे हैं ऐसे सभी अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी निशा अनंत, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रामनिवास शर्मा, पीडी डीआरडीए अनिल कुमार, डीएफओ राजेश सिंह डीपीआरओ सरनजीत कौर एवं डीसी मनरेगा राम सागर यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।