जिलाधिकारी पुलकित खरे ने कहा है कि वर्ष 2018-19 में बरसात के कारण गंगा, रामगंगा एवं गरूण गंगा आदि नदियों में जल स्तर लगातार बढ़ने के कारण आयी बाढ़ विभीषिका को देखते हुए जल प्लावित क्षेत्रों के पशुओं में संक्रामक रोग फैलने की सम्भवना रहती है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पशु पालकों द्वारा लेवी का भुगतान न किये जाने के कारण पशुओं की चिकित्सा शतप्रतिशत नही हो पाती है।
इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने शासन के निर्देश पर निहित प्राविधानों के अन्तर्गत 30 सितम्बर 2018 तक पशु चिकित्सा लेवी माफ करने के आदेश दिये है।