आज ईसा मसीह के फिर से जीवित होने के प्रतीक के रूप में मनाया गया ईस्टर रविवार

आज ईस्टर रविवार है। यह पर्व प्रभु ईसा मसीह के, सलीब पर चढ़ाए जाने के बाद फिर से जीवित होने के प्रतीक के रूप में पूरे विश्‍व में मनाया जा रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी है। केरल में इस अवसर पर आज सुबह गिरिजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। मिज़ोरम में भी बड़ी संख्या में लोग गिरजाघरों में पहुंचे। गोआ की राजधानी पणजी में भी ईस्‍टर धूमधाम से मनाया जा रहा है। मेघालय में ईस्‍टर पारंपरिक ढंग से मनाया गया।

ईसा मसीह के पुर्नजीवि‍त होने के प्रतीक ईस्‍टर को आज पारंपरिक श्रद्धा के साथ पूरे मेघालय में मनाया जा रहा है। बीती रात राजधानी शिलांग और राज्‍य के दूसरे हिस्‍सों में गिरिजाघरों में वि‍शेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया। लोगों ने मध्‍य रात्रि की सभा में हिस्‍सा लिया और श्रद्धापूर्वक जीवन बिताने का संकल्‍प लिया। ईसाइ लोग सुबह-सुबह भी पुर्नजीवित ईसा मसीह के स्‍वागत में गिरिजाघरों में इकट्टा हुए। पूर्वी खासी पहाडियों में ईस्‍टर नृत्‍य शाद पक्षा का आयोजन किया गया। ईस्‍टर के साथी पवित्र सप्‍ताह समाप्‍त हो गया जो पाम संडे को शुरू हुआ था।
पूरे प्रदेश में ईस्‍टर की वि‍शेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया। गुड फ्राइडे के बाद आज ईस्‍टर संडे के दिन झारखंड के अनेक ईसाइ धर्मावलंबियों ने वि‍शेष प्रार्थना सभा में भाग लिया। ये प्रार्थना सभा राज्‍य के विभिन्‍न इलाकों में चर्च में संपन्‍न हुए। ईस्‍टर के अवसर पर राज्‍य पाल द्रौपदी मुरमु तथा मुख्‍यमंत्री रघुवर दास ने लोगों को बधाई दी है। ईस्‍टर उत्‍सव के खान पान में केक का वि‍शेष महत्‍व रहता है जो झारखंड में दि‍खा।