बंगला खाली न करने को लेकर मुलायम सिंह पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

उत्तर प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला खाली कराने का नोटिस दिया गया था। इसको लेकर एक और बात सामने आई है कि सरकारी बंगला खाली करने के नोटिस के बाद कुछ पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी बंगला खाली नहीं कर रहे हैं। इसके बजाए वह अपना सरकारी बंगला बचाने कि लिए बहाना बनाकर देश की शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटा रहे हैं। जब कि सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला अखिलेश यादव ने लिया था लेकिन उनका ये सपना मुलायम ने पूरा कर दिया।

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव अपना सरकारी बंगला बचाने के लिए आज सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया हैं। जब वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो वहां पर उन्होंने बहाना बनाया है कि उनकी बढ़ती उम्र और गिरती सेहत को लेकर बंगला खाली करने में रियायत सुप्रीम कोर्ट से मांगी है। इससे पहले जब उनके पास सरकारी बंगला खाली कराने को लेकर नोटिस दिया गया था तब उन्होंने उस नोटिस को लेने से इंकार कर दिया था।

इससे पहले उनके बेटे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इस बारे में सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला लिया था। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बंगला खाली न करने के लिए अपनी सुरक्षा और बच्चों की पढ़ाई का सहारा लिया था। इस संबंध में अखिलेश यादव राज्य संपत्ति अधिकारी को 7 दिन पहले एक पत्र लिख चुके हैं। जिसमें उन्होंने कुछ दिनों के लिए वक्त मांगा था।

एक बात और है कि जब अखिलेश यादव ने सरकारी बंगला खाली कराने का नोटिस रिसीव कर लिया था तो अब वह सरकारी बंगला खाली क्यों नहीं करना चाहते हैं। हो सकता है शायद उनके दिमाग में 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर कोई राजनीतिक षड़यंत्र चल रहा हो। इसी बजह से शायद वह अपना सरकारी बंगला खाली नहीं करना चाहते हैं।