ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए नैतिक विचारों को आत्मसात कर जनहित में कार्य करना जरूरी : राम कथा बाला जी धाम 

अजीत प्रताप सिंह-

————————————————————————————————————-
हरदोई! बालाजी धाम, खेतुई,  मंदिर में चल रही राम कथा भागवत कथा एवं हनुमत यज्ञ व प्रवचन से भक्ति का वातावरण बना हुआ है सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आए श्रद्धालु मंदिर में बालाजी के दर्शन कर कथा का रसपान करके सुख व आनंद की अनुभूति कर रहे हैं आज की श्री राम कथा में व्यास अतुल प्रेम जी महाराज ने भरत चरित्र का वर्णन किया और बताया कि भरत जैसे भाई हों  तो कोई दुविधा ही नहीं वह 14 वर्षों तक बड़े भ्राता राम की खड़ाऊ की पूजा  करते रहे मगर स्वयं राजगद्दी पर आसन ग्रहण नहीं किया ऐसा भाई का प्रेम अतुलनीय है अतुल प्रेम जी महाराज ने कहा कि संसार में समर्पण, त्याग, प्रेम, परोपकार जैसे गुण हैं जिनसे तीन लोक और परलोक दोनों ही सुधारे जा सकते हैं दूसरे चरण में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए भागवताचार्य पंडित बालकृष्ण शुक्ला ने सुनाया  कि प्रकृति को जो दोगे वही आपको वापस मिलेगा इसलिए हमेशा नैतिक विचारों को आत्मसात कर जनहित में कार्य करना चाहिए तभी ईश्वर भी प्रसन्न होते हैं भागवत आचार्य जी ने भगवान कृष्ण के हाथों कंस वध की कथा का चित्रण किया बृज बिहारी लाल शुक्ल ने सामाजिक चेतना के लिए संदेश दिया निर्भय दास जी महाराज बावन् के भजनों ने  भक्तों का मन मोह लिया मानस मर्मज्ञ सुरेश पाल सिंह ने रामचरितमानस की महत्ता पर प्रकाश डाला यज्ञशाला में यज्ञाचार्य राजेश मिश्रा  ब्रह्मा  पदेन आचार्य सरोज कुमार पांडे शास्त्री याज्ञिक प्रमोद मिश्रा ज्ञानेंद्र मिश्रा शांति स्वरूप कौशल शुक्ला द्वारा नौ कुंडी हनुमत यज्ञ कराया गया जिसमें बालाजी धाम खेतुई  के महंत नागेंद्र दास जी महाराज  भगवान भगत सिंह समेत अनेक भक्तों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां डाली | महंत नागेंद्र दास जी महाराज ने बताया कि 24 मई दिन गुरुवार को राम कथा श्रीमद् भागवत कथा एवं हनुमत महायज्ञ के समापन के उपरांत अपराह्न 2:00 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है जिसमें साधु-संत न्याय एवं अन्य भक्तजन भंडारे में प्रसाद ग्रहण करेंगे|