कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक के शुरुआती कुछ घंटे यानी गोल्डन आवर हैं बेहद संवेदनशील

विश्व हृदय दिवस पर विशेष जागरूकता संदेश

​आज बलरामपुर अस्पताल, लखनऊ के ओपीडी परिसर में विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) के अवसर पर एक भव्य CME (निरंतर चिकित्सा शिक्षा) एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

​इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस, रोगियों तथा चिकित्सा स्टाफ को हृदय स्वास्थ्य, जीवनशैली में सुधार और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित उपचार के प्रति जागरूक करना था।
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​डॉ. बी. के. एस. चौहान (निदेशक, बलरामपुर अस्पताल) ने STEMI (ST-Elevation Myocardial Infarction) क्लिनिक और आपातकालीन हृदय देखभाल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक के शुरुआती कुछ घंटे (गोल्डन आवर) बेहद संवेदनशील होते हैं। यदि मरीज को इस दौरान तुरंत अस्पताल लाया जाए, तो धमनियों में थक्के (क्लॉट) को बनने से रोककर या तुरंत इलाज देकर मरीज की जान बचाई जा सकती है।

डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक – CMS) ने दिनचर्या और खान-पान के संयम पर बल दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दैनिक जीवन में नमक का कम सेवन करना और ब्लड प्रेशर (BP) को नियंत्रित रखना हृदय को स्वस्थ रखने की पहली सीढ़ी है।

डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव (चिकित्सा अधीक्षक – MS) ने नियमित जांच और शुरुआती लक्षणों की पहचान पर ध्यान केंद्रित किया।
​मुख्य बिंदु: उन्होंने कहा कि कोलेस्ट्रॉल और शुगर के स्तर को संतुलित रखना तथा किसी भी प्रकार के सीने में दर्द या भारीपन को नजरअंदाज न करना ही हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा देता है।

डॉ. युसूफ अंसारी (वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट) ने हृदय रोगों के तकनीकी पहलुओं और त्वरित चिकित्सीय सहायता के महत्व पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि अस्पताल का STEMI नेटवर्क आपातकालीन स्थिति में मरीज को त्वरित ईसीजी और प्राथमिक उपचार देने के लिए हमेशा तत्पर है।

डॉ. एम. एच. उस्मानी (वरिष्ठ विशेषज्ञ) ने तनावमुक्त जीवन शैली और समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन पर मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि तंबाकू और धूम्रपान से दूरी बनाकर तथा नियमित शारीरिक गतिविधियों को अपनाकर हृदय को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गण्यमान्य व्यक्ति ​श्री राजीव कुमार (मुख्य फार्मासिस्ट, बलरामपुर अस्पताल), ​प्रिंसिपल (नर्सिंग स्कूल, बलरामपुर अस्पताल), सिस्टर गुरप्रीत (इनचार्ज, ओपीडी), ​अस्पताल के अन्य समस्त डॉक्टर्स, पैरामेडिकल कर्मी, नर्सिंग कैडर एवं नर्सिंग स्कूल की छात्राएं (जिन्होंने अपने विचार एवं जागरूकता संदेश भी प्रस्तुत किए) मौजूद रहीं।

हृदय स्वास्थ्य के लिए प्रमुख सावधानियां बताते हुए कहा कि अत्यधिक नमक के सेवन से बचें ताकि रक्तचाप नियंत्रित रहे। ​कोलेस्ट्रॉल व शुगर नियंत्रण: समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल और शुगर जांच करवाएं।
​गोल्डन आवर का ध्यान रखें। सीने में दर्द, सांस फूलना या बेचैनी होने पर तुरंत निकटतम अस्पताल पहुंचें। ​सकारात्मक व स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ। नियमित व्यायाम करें, संतुलित आहार लें और तनाव से दूर रहें।

​याद रहे “स्वस्थ हृदय, खुशहाल जीवन, बेहतर कल।”