हरदोई। विकासखंड कछौना की ग्राम पंचायत महरी में नवनिर्मित गोशाला का उद्घाटन होने के पश्चात आज तक चारे-पानी की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। कर्मचारीविहीन गोआश्रय-स्थल में बंद आधा सैकड़ा से अधिक गोवंश भूख-प्यास से तड़प रहे हैं, जिनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है।
महरी गांव में नवनिर्मित गोशाला का उद्घाटन जून माह में विकासखंड के अधिकारियों के द्वारा कर दिया गया। जिसके बाद आज तक गोशाला में लाइट एवं चारे-पानी का अभाव बना हुआ है। गोशाला में अब तक भूसा तक नहीं पहुंचाया गया। जबकि आसपास के कई गांवों के ग्रामीणो ने अपने खेतों मे घूम रहे छुट्टा गोवंशों को खदेड़ कर गोशाला में बंद कर दिया। कर्मचारीविहीन गोआश्रयस्थल में बंद आधा सैकड़ा से अधिक गोवंश भूख-प्यास से तड़प रहे हैं।
किसानो ने बताया कि मक्का, उर्द आदि खड़ी फसल को अन्ना मवेशी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिसके चलते उन्हें खदेड़ कर गोशाला मे पहुंचाया जा रहा है। किसानो का कहना है कि गोशाला मे तैनात कर्मचारी रात के समय मे गोवंशों को बाहर निकाल देते हैं, जबकि दिन मे गोशाला मे ताला लटका रहता है और वहाँ पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं रहता। ग्रामप्रधान के द्वारा अपने चहेते को गोशाला की चाबी दे दी गई है, जिसके चलते वह मौका पाते ही बंद मवेशियों को बाहर निकाल देता है। जबकि दिन के समय में कोई भी कर्मचारी वहां पर नहीं होता है और दिन भर गोशाला के गेट में ताला लटका रहता है।
ग्रामपंचायत विकास अधिकारी प्रदीप भारती ने बताया कि गोशाला मे कार्य चल रहा है जिससे उसमे अभी गोवंश को बंद नहीं किया जा सकता। दो दिन पूर्व फोन वार्त्ता मे उन्होंने बताया था कि कल गोशाला मे भूसा की व्यवस्था करवा दी जाएगी, इसके पश्चात गोवंशों को बंद किया जाएगा; लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी अब तक भूसा की व्यवस्था नहीं हो सकी। अब सवाल यह उठता है कि जब गोशाला का निर्माणकार्य अधूरा था तो निर्माणाधीन गोशाला का उद्घाटन आखिर इतनी जल्दी क्यों किया गया? विकासखंड के अधिकारियों की लापरवाही के चलते ग्रामीणों के द्वारा बंद किये गये आधा सैकड़ा से अधिक गोवंश भूख-प्यास से तड़प रहे हैं।
रिपोर्ट- सुनील सिंह कुशवाहा