आदित्य त्रिपाठी (मानद प्रबन्ध-निदेशक IV24 NEWS)

भारत का युवा जब तक जागेगा नहीं तब तक ये सत्तालोलुप, बिन पेंदी के लोटे अपनी तानाशाही चलाते रहेंगे । जो भी सत्ता में आया उसने हमें ( आम- जनमानस ) फुटबाल समझकर किक मार दी । किक क्या मार दी, हम लोगों की तो आदत ही रही है दिवास्वप्नों में मस्त रहने की, कुछ भी होता रहे हमें क्या ? चाहे हमें मुगलों की गुलामी झेलनी पड़ी हो या अँग्रेजों की हम तो बस मस्त रहेंगे । पर यकीन मानो जब-जब भारत का युवा अपने दिवास्वप्नों से निकलकर जागा है उसने भारत का इतिहास-भूगोल बदलकर रख दिया है, इस बात का इतिहास साक्षी है ।
आज देश आपातकाल झेल रहा है । देशवासी जिन्दगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं । समूचा देश अभाव के ताप से तप रहा है और जिम्मेदार चुनावों मे मस्त हैं । “#अच्छेदिनआनेवालेहैं” का सपना दिखाकर सत्ता में आए और वाकई ऐसे अच्छे दिन आए कि दवा,पानी आदि तो पहले से ही बिक रहे थे, अब तो हवा ( प्राणवायु ) के लिए भी कीमत चुकानी पड़ रही है और कीमत चुकाने के बाद भी ऑक्सीजन मिल जाए इसकी भी कोई गारण्टी नहीं । कोरोना मतलब कोई रोड पर ना निकले कहने वालों ने बंगाल, असम आदि राज्यों की चुनावी रैली में हजारों आदमियों का रेला रेल दिया ।
आम आदमी कोई माङ्गलिक कार्य करे तो महामारी अधिनियम पर सत्ताधीशों के लिए कोई अधिनियम नहीं । “#दोगजदूरीमास्कहैजरूरी” का उत्तरप्रदेश में बेहतरीन उपयोग किया गया और पूरे प्रदेश को इस महामारी के समय जब त्राहि-त्राहि मची हुई है तब पंचायत चुनाव की आग में झोंक दिया गया । क्योंकि हम सभी सरकार की पहली जिम्मेदारी हैं, अतः पहले हम सबका ही नम्बर लगेगा ? राम-राज्य लाने और राम को अपना आदर्श बताने वाले राम की ही शिक्षा को धता बता रहे हैं । प्रभु श्री राम ने कहा था – “जासु राज प्रिय प्रजा दुखारी, सो नृप अवसि नरक अधिकारी ।”
अब आप ही विचार करें कि प्रभु राम में इनकी कितनी आस्था है ? आदमी का क्या है यह मानव शरीर ही नश्वर है, उसे तो मरना ही है परन्तु चुनाव अजर- अमर, चिरंतन हैं । अतः चुनाव तो होंगे ही, जनता कल मरती हो आज मर जाए। हो सकता है कि कुछ भक्तों को मेरी बात बुरी लगे । ऐसे भक्तों से मेरा अनुरोध है कि बाहर निकलें और यथार्थ स्थिति को देखें और विचार करें फिर स्वयं से प्रश्न करें, मेरा विश्वास है कि उन्हें उत्तर मिल जाएगा । जिस निर्णय से देश का अहित हो उसका सभी को विरोध करना चाहिए ।
मैं जानता हूँ कि मेरी यह पोस्ट कोई बहुत बड़ा परिवर्तन नहीं लाने जा रही लेकिन यह कुछ युवानों को विचार करने के लिए अवश्य उद्वेलित करेगी।