सकल घरेलू उत्‍पाद की वृद्धि दर छह दशमलव तीन प्रतिशत रहने का अनुमान

इस वर्ष की दूसरी तिमाही में स्थिर मूल्‍य पर सकल घरेलू उत्‍पाद की वृद्धि दर छह दशमलव तीन प्रतिशत रहने का अनुमान है । चालू वित्‍तवर्ष की पहली तिमाही से यह अधिक होगी । पहली तिमाही में दर 5.7 प्रतिशत थी । नई दिल्‍ली में भारत के प्रमुख सांख्यिकीविद टी०सी०ए० अनंत ने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि यह वृद्धि दर पिछली पांच तिमाही के गिरावट के रूख में बदलाव को दर्शाती है। उन्‍होंने कहा कि यह बढ़ोत्तरी विनिर्माण, बिजली, जलापूर्ति और अन्‍य जन-उपयोगी सेवाओं में वृद्धि के कारण संभव हुई है। श्री अनंत ने बताया कि विनिर्माण क्षेत्र में सात प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है।

वित्‍तमंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि सकल घरेलू उत्‍पाद में छह दशमलव तीन प्रतिशत की वृद्धि दर, पिछली पांच तिमाही में गिरावट के रूख में बदलाव को दर्शाती है। जेटली ने आशा व्‍यक्‍त की कि अगली तिमाहियों में नोटबंदी और जी०एस०टी० के और सकारात्‍मक नतीजे सामने आएंगे। वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व वित्‍त मंत्री पी०चिदम्‍बरम ने कहा है कि यह वृद्धि दर पिछली पांच तिमाही में गिरावट की प्रवृत्ति पर रोक को दर्शाती है। साथ ही उन्‍होंने कहा कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि यह वृद्धि आगे भी जारी रहेगी। श्री चिदम्‍बरम ने कहा कि किसी निश्चित परिणाम पर पहुंचने से पहले यह देखना होगा कि अगली तीन-चार तिमाही में वृद्धि दर किस प्रकार रहती है। उन्‍होंने यह भी कहा कि छह दशमलव तीन प्रतिशत की वृद्धि दर नरेंद्र मोदी सरकार के वायदे से काफी कम है ।