कछौना, हरदोई। विकास खण्ड कछौना के अंतर्गत स्थित सरस्वती विद्या मंदिर पुरवा हरदोई के द्वारा शैक्षिक भृमण के लिए बच्चों को चिड़ियाघर लखनऊ की सैर के लिए गुरुवार को एक मजेदार यात्रा करवाई गई। इस दौरान बच्चों व स्कूल के समस्त आचार्य परिवार चिड़ियाघर के दौरे पर गए।
प्रधानाचार्य ने बताया इस चिड़ियाघर यात्रा का मुख्य उद्देश्य नन्हें छात्रों/भैया, बहनों को विभिन्न प्रकार के पक्षियों एवं जानवरों के बारे में जानकारी प्रदान करवाना था, जो बच्चों की शिक्षा और समझ के विस्तार में मदद करेगा। बच्चों की परिजनों को विशेष रूप से इस यात्रा के विषय में जानकारी दी गई, परिजनों की स्वीकृत मिलने पर ही बच्चों को यात्रा कराई गई है। क्योंकि सरस्वती विद्या मंदिर पुरवा चाहता था कि परिजन अपने बच्चे के स्कूल जीवन का एक हिस्सा देखकर आनंद महसूस करें। बच्चों को सामूहिक यात्रा में बातचीत का बेहतर मौका मिले। चिड़ियाघर के प्राकृतिक सौंदर्य और अलग-अलग प्रकार के जीव-जन्तुओ के बीच चलते भैया बहनों के कदमों का दृश्य देखने में काफी मनोहर था। छोटे बच्चों ने प्रकृति में मिश्रित पक्षियों की चहकती मधुर आवाज को सुना एवं आश्चर्य से विभिन्न जानवरों को अपनी आंखों से देखा। सभी बच्चे समूह के साथ चिड़ियाघर भ्रमण कर रहे थे।
यह एक सुखद यात्रा थी क्योंकि आचार्यों ने देखा कि उनके बच्चे बड़े मजे से विभिन्न जानवरों के नामों को सीख रहे थे। इसके साथ ही उनको भी एक दूसरे से मिलने और दूसरे बच्चों की से अच्छे संबंध बनाने का मौका मिला। सरस्वती विद्या मंदिर पुरवा परिवार द्वारा इस पहल को बहुत ही मनभावन और यादगार बताया एवं इस सैर की बहुत सराहना की। भैया बहनों ने कहा कि नियमित अंतराल पर ऐसी यात्राएं होनी चाहिए एवं स्कूल टीम द्वारा आयोजित इस यात्रा के दौरान बनाए गए सम्बन्ध लंबे समय तक याद रहेंगे। चिड़ियाघर की यह यात्रा यादगार, समृद्ध और रोमांचक थी। यह यात्रा एक ही समय में शिक्षाप्रद, जानकारीपूर्ण और मज़ेदार रही। बच्चों ने पहली बार कई सारे जानवरों और पक्षियों को देखा। कई दिनों के बाद भी चिड़ियाघर यात्रा की याद उनके बच्चों के दिमाग में यादगार हैं।
सरस्वती विद्या मंदिर के बच्चों ने चिड़ियाघर व इमामबाड़ा भ्रमण के दौरान लिया लुत्फ व अर्जित की जानकारियां
बीते गुरुवार को सरस्वती विद्या मंदिर पुरवा हरदोई के बच्चे समस्त आचार्य परिवार शैक्षिक भ्रमण के लिए लखनऊ के चिड़ियाघर गये, जहाँ पर सभी भैया बहिनों ने वन्य जन्तुओं, पशु-पक्षियों और प्रवासी पक्षियों के दर्शन और जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रीय संग्रहालय में भैया बहिनों ने ममी गैलरी, मुद्रा गैलरी, अस्त्र-शस्त्र गैलरी और प्राकृतिक गैलरी का दर्शन कर विभिन्न प्रकार की जानकारियां अर्जित की। बड़ा इमामबाड़ा को भी देखा, जिसमें सभी बच्चों ने प्राचीन ऐतिहासिक शिल्पकलाओं की जानकारी प्राप्त कर ज्ञानार्जन किया उक्त जानकारी विद्यालय के प्रधानचार्य शैलेन्द्र कुमार बाजपेई ने दी।
रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता