विजय कुमार-
कौशाम्बी – सरकार द्वारा मुफ्त में दी जा रही कालोनियों के लिए लगभग सात साल पहले 1000 रुपये से 2000 रुपये प्रति कालोनी धन लेने के कारण वित्तीय भ्रष्टाचार की भी आशंका।
नगर पंचायत अजुहा, कौशाम्बी में जिला नगरीय विकास अभिकरण(डूडा) कौशाम्बी की आई.एच.एस.डी.पी.मलिन बस्ती आवासीय परियोजना के अंतर्गत् निर्मित सरकारी कालोनियों के आवंटन में नगर पंचायत प्रशासन द्वारा जमकर अनियमितता की गई है जिसमें गरीबों के अधिकारों पर ग्रहण लगता दिख रहा है।अनेक ऐसे व्यक्तियों को कालोनियों का आवंटन कर दिया गया है जो कई मंजिला भवनों के स्वामी हैं जबकि गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को वंचित कर दिया गया है।
इस कालोनी का निर्माण प्रदेश की पूर्व मायावती सरकार के समय में शुरु हुआ था।कई साल पहले ही अखिलेश सरकार के समय से कालोनियाँ बनकर तैयार भी थीं जिस पर नगर पंचायत अजुहा के कई सफाईकर्मी एवं अन्य लोग अवैधरूप से रह रहे थे परंतु कालोनियों का आवंटन तक नहीं किया गया।प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद इसकी सुधि ली गई और हाल ही में नगर पंचायत प्रशासन द्वारा कालोनियों का आवंटन किया गया तो गरीब एवं जरूरतमंदों को लगा कि उन्हे कालोनियाँ मिलेंगी लेकिन नगर पंचायत प्रशासन के पक्षपात एवं अनियमितता के कारण उनकी आशाओं पर पानी फिर गया।
इन कालोनियों को सरकार द्वारा मुफ्त में दिए जाने एवं पेयजल व विद्युत कनेक्शन भी मुफ्त दिए जाने की बात बताई जा रही है जबकि इन कालोनियों के आवंटन के लिए नगर पंचायत प्रशासन द्वारा सार्वजनिक मियादी के पश्चात दिसंबर 2011 में ही नगर के सैकड़ों निवासियों द्वारा डूडा की सहायक परियोजना अधिकारी द्वारा स्वयं नगर पंचायत कार्यालय के भीतर एक से दो हजार रुपये प्रति कालोनी इच्छुक व्यक्तियों से जमा कराते हुए नगर पंचायत कार्यालय में मौजूद डूडा की तत्कालीन सहायक परियोजना अधिकारी के हस्ताक्षर सहित रसीदें जारी की गई थी ऐसे में इस परियोजना के आवंटन में वित्तीय अनियमितता की भी आशंका है।जबकि लगभग सात वर्ष पूर्व एडवांस धनराशि जमा कराने वाले कई व्यक्तियों को चयन सूची में शामिल नहीं किया गया।
इस संबंध में परसों पार्टी के एक कार्यक्रम में अजुहा सब्जी मंडी आए सिराथू के भाजपा विधायक शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल से अनेक लोगों ने इस अनियमितता के संबंध में ढ़ेरों शिकायतें की जिस पर उन्होने इसकी जाँच व इस अनियमितता के जिम्मेदारों पर कड़ी कार्यवाही करवाने की बात सार्वजनिक रूप से मंच के माध्यम से कही।