अल्‍पसंख्‍यक समाज के कल्‍याण के लिए भारत सरकार का ऐतिहासिक फैसला

मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति ने कल कृषि क्षेत्र के लिए हरित क्रांति से संबंधित व्यापक कार्यक्रम कृषोन्नति योजना जारी रखने की मंजूरी दे दी है। नई दिल्ली में कल कैबिनेट की बैठक के बाद केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस कार्यक्रम का विस्‍तार बारहवीं पंचवर्षीय योजना के बाद 2017-18 से 2019-20 तक के लिए किया गया है।

श्री प्रसाद ने कहा कि 11 स्‍कीम को अब हम एक अम्‍ब्रेला स्‍कीम में ला रहे हैं। उसका नाम है ग्रीन रेवुलेशन कृषिन्‍नोति योजना और यह 17-18 तक का जो ये एलोकेशन था, इसको हम 19, 20 तक एक्‍सटेंड कर रहे है, 33 हजार 269 करोड़ रूपये की लागत में। केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति ने मल्टीसेक्टोरल डेवलपमेंट प्रोग्राम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल ने कार्यक्रम के पुनर्गठन के साथ-साथ इसे 14वें वित्त आयोग के कार्यकाल के बाकी बचे समय तक जारी रखने का भी अनुमोदन कर दिया है।

श्री रविशंकर ने कहा है कि यह कार्यक्रम अल्‍पसंख्‍यक समुदायों को बेहतर सामाजिक, आर्थिक बुनियादी सुविधाएं उपलब्‍ध कराएगा। अल्‍पसंख्‍यक समाज के कल्‍याण के लिए भारत सरकार ने एक बहुत ही ऐतिहासिक फैसला किया है। इस फैसले के अंतर्गत ऐसे पिछड़े जिले जो माइनोरिटी प्रभावित है। उसके कार्यक्रम को सघन बनाकर फोरटिन्‍थ फाइनेंस कमीशन तक हम इसको ले जाने वाले है और प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के रूप में इसको हम लागू कर रहे है। इसके तीन फोकस हैं – एजुकेशन, हैल्‍थ, स्किल डेवलपमेंट। सरकार ने गन्ना किसानों के बकाया के भुगतान के लिए चीनी मिलों को वित्तीय सहायता देने की योजना को भी मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडलीय समिति ने 2017-18 के गन्ना पेराई मौसम में लागत की भरपाई के लिए किसानों को प्रति क्विंटल पांच रुपये पचास पैसे की सहायता की मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल ने तम्‍बाकू उत्‍पादों के अवैध कारोबार को समाप्‍त करने के लिए इसके नियंत्रण से संबंधित विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की संधि के प्रारूप को मंजूरी दे दी।