पुलिस का मानवीय चेहरा : एस.ओ. रेउसा ने अपने हाथों से सड़क पर शव के बिखरे अंगों को समेटा

आदित्य त्रिपाठी- प्रबन्ध सम्पादक …..indianvoice24.com…..

रिपोर्ट- आदित्य त्रिपाठी


भलमनसाहत का चोला ओढ़े समाज में से कोई भी एक क्षत-विक्षत शव को हटवाने के लिए आगे नहीं आया तब सीतापुर के थाना रेउसा के थानाध्यक्ष आगे आए । एक सड़क दुर्घटना के बाद सड़क पर बिखरे शव को जनता मूक दर्शक बनी देखती रही और जब रिश्तेदारों ने भी क्षत-विक्षत शव को छूना मुनासिब न समझ उससे मुँह मोड़ लिया तो एसओ रेउसा राजकुमार सरोज ने सामने आकर अपने हाथों से सड़क पर बिखरे अंगों को समेटा ।

भले पुलिस पर लाख आरोप लगते हों लेकिन ऐसा केवल पुलिस ही कर सकती है । सलाम ऐसी पुलिस को । हमेशा ही पुलिस पर आम जनमानस के साथ बदसलूकी करने के आरोप लगते रहते हैं । आए दिन ऐसे समाचार मिलते रहते हैं कि यदि पुलिस ईमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन करती तो ऐसी घटना नहीं घटती । पुलिस विभाग के बारे में समाज की धारणा भले ही अच्छी न हो परन्तु इस घटना से स्पष्ट है कि विभाग में ईमानदार, कर्मठ एवं मानवता से परिपूर्ण अधिकारियों की कमी नहीं है ।