उग्र हुआ प्रदर्शन, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने परियोजना कार्यालय में जड़ा ताला

मानदेय बढ़ोत्तरी को लेकर 45 दिन से कर रही हैं धरना प्रदर्शन

कछौना – सूबे की सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में बीते 45 दिनों से आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के सब्र का बांध टूटता जा रहा है । सोमवार को कछौना की लगभग 1 सैकड़ा कार्यकत्रियों ने बाल विकास परियोजना कार्यालय पर ताला जड़ दिया, जिससे विभाग में अफरा तफरी मच गई । खास बात यह थी कि करीब 1 घंटे तक एक मुख्य सेविका कार्यालय के अंदर बंधक बनी रहीं । काफी अनुनय-विनय के बाद ताला खोल कर उसे निकाला जा सका ।

ब्लॉक अध्यक्ष ममता दीक्षित ने ऐलान किया कि न काम करेंगे ना करने देंगे । जो सरकार निकम्मी है, वह सरकार बदलनी है आदि नारे लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया । यह भी कहा कि मंगलवार से सुबह से ही कार्यालय में ताला लगाकर वह सब अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगी । यह भी कहा कि चुनाव के समय पार्टी ने अपने संकल्प पत्र के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय वृद्धि की बात सरकार बनने के 1 माह के अंदर करने को कही थी । लेकिन काफी समय गुजर जाने के बाद भी सरकार द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण पूरे प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं कलम बंद करके आंदोलन कर रही हैं । इनका यह भी कहना है कि उनके प्रदर्शन के दौरान कोई भी अधिकारी आकर उन का हाल चाल तक आज शाम तक जानने नहीं आया । जिससे वह सरकार के साथ-साथ प्रशासन से भी नाखुश नजर आई । प्रदर्शन के दौरान लगभग 1 सैकड़ा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाँ एवं सहायिकाएं मौजूद रहीं ।