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भारत-पाकिस्तान टी-20– दोनों के अपने-अपने दावे

★ समीक्षक– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

यदि भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को कमतर मानकर आक्रामक प्रदर्शन करेंगे तो उनके लिए ‘घातक’ सिद्ध हो सकता है। पाकिस्तानी गेंदबाज़ों की कमज़ोरी को समझते हुए ही बल्लेबाज़ी करना, भारतीय खिलाड़ियों की प्राथमिकता रहनी चाहिए; उसी भाँति पाकिस्तानी बल्लेबाज़ों के कमजोर पक्ष को ध्यान में करते हुए, गेंदबाज़ी करनी होगी। भारतीय गेंदबाज़ों का उद्देश्य रहना चाहिए कि वे ‘पॉवर प्ले’ में अधिकतम ३० रनों के भीतर न्यूनतम एक विकेट तो गिरा ही दें।

माना कि वास्तविक रूप में पाकिस्तान भारत के लिए प्रथम श्रेणी का शत्रु-देश है; किन्तु ध्यान रहे, खेल-भावना को आघात न पहुँचे; उससे खिलाड़ियों की एकाग्रता भंग होती है। भारतीय खिलाड़ियों को बल्लेबाज़ी और क्षेत्ररक्षण के क्षेत्रों में पूर्ण कौशल के साथ अपने प्रतिद्वन्द्वी दल को प्रभावित करना होगा।

भारत की ओर से नवोदित बल्लेबाज़ सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन तथा वरुण चक्रवर्ती अपना प्रभाव स्थापित कर सकते हैं, जबकि के० एल० राहुल, रोहित शर्मा तथा रवीन्द्र जडेजा बल्लेबाज़ी में बेहतर साबित हो सकते हैं। विराट कोहली अभी अपने प्रदर्शन से प्रभावित नहीं कर सके हैं। यदि वे अपने आवेशमय मनोवृत्ति पर नियन्त्रण कर समझदारी के साथ बल्लेबाज़ी करते हैं तो प्रभावक बन सकते हैं।

पाकिस्तान की गेंदबाज़ी उत्तम क़िस्म की है। मु० हफ़ीज़, शादाब ख़ान तथा इमाद वसीम बेहतर स्पिनर गेंदबाज़ सिद्ध हो सकते हैं। पाकिस्तानी बल्लेबाज़ :– कप्तान बाबर आज़म, फ़ख़र जमाँ, शाहीन अफ़रीदी तथा अनुभवी शोएब मलिक को कमतर आँकना भारतीय गेंदबाज़ों की भूल हो सकती है। भारत की ओर से मु० शमी यॉर्कर और आऊट-स्विंग-इन-स्विंग कराने में दक्ष हैं। उनकी १४० से १५० कि० मी० प्रतिघण्टे की गति में फेंकी गयी गेंदों को खेल पाना आसान नहीं रहता, जिसे वे सिद्ध करते आ रहे हैं, फिर भारत के प्रमुख गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह की अबूझ विविधता “सोने में सुहागा” का काम करेगा। भुवनेश्वर कुमार और हार्दिक पाण्ड्या एक अच्छे हरफ़नमौला खिलाड़ी साबित हो चुके हैं। आर० अश्विन और रवीन्द्र जडेजा की चक्कर खाती गेंदबाज़ी के सामने धुरन्धर पानी माँगते नज़र आये हैं। इस दृष्टि से भारत की गेंदबाज़ी सुदृढ़ पक्ष है।

बहरहाल, ऊँट किस करवट बैठेगा, इसे समझने के लिए समय आ चुका है।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २४ अक्तूबर, २०२१ ईसवी।)