स्पेशल रिपोर्ट – रामू बाजपेयी
बिबियापुर -धानीनगला (हरदोई)- हरदोई जिले के भरखनी ब्लॉक के ग्राम धानी नगला के पास स्थित बिबियापुर शिव मंदिर में हजारों भक्तो का तांता लगा रहता है। भक्तो के मुताबिक बाबा सिद्धेश्वर नाथ बहुत ही दयालु है तथा जिसने जिसने जो मांगा उसे प्राप्त हुआ।
सावन का महीना होता है विशेष
सावन का महीना भोलेनाथ को प्रिय होता है उसी को ध्यान में रखते हुए सिद्धेश्वर नाथ प्रांगण में विशेष व्यवस्था की जाती है। दूर से आने जाने बाले भक्तो के लिए ठहरने के इंतजाम भी किया जाता है। सावन के सोमवारों को मेला भी लगता है।
सिद्धेश्वर नाथ को अर्पण किये गए 1008 दीप
सावन के अंतिम सोमवार को यज्ञशाला में एक हजार आठ दीप जलाकर भोले नाथ को प्रसन्न किया गया। दीप के प्रज्वलित होते ही यज्ञ शाला व शिव प्रांगण जगमगा उठा।
प्रतिवर्ष आयोजित होते है कई धार्मिक अनुष्ठान
सावन के महीने में बाबा सिद्धेश्वर नाथ के दरबार मे यज्ञ भजन कीर्तन ,शिव पुराण ,भागवत कथा आदि का आयोजन होता है।
कथावाचक नीलेश शुक्ल ने बताया कि इस बार भी रुद्र महायज्ञ यज्ञ 16 अगस्त से शुरू होकर 24 अगस्त तक चलेगा।
तथा 24 अगस्त जो शिवतेरस के दिन ही विशाल मेला भी लगेगा।जिसमे दूर दूर से कई जनपदों के लोग आते है।
क्या है मन्दिर का इतिहास
बृंदावन धाम से पधारे पण्डित नीलेश शुक्ल ने बताया कि मन्दिर का इतिहास काफी पुराना है सिद्धेश्वर नाथ शिवलिंग की स्थापना माता कुंती के द्वारा पाण्डव काल मे की गई थी।
हजारों भक्त आकर चढ़ाते है पांचाल घाट फर्रुखाबाद से पैदल कांवर
यूँ तो सावन का महीना भोलेनाथ का विशेष महीना होता है जगह जगह शिवालयों में भक्त कांवर चढ़ाते है लेकिन सिद्धेश्वर नाथ की महिमा ही अपरम्पार है।
यहाँ हजारों की संख्या में भक्त पांचाल घाट फर्रुखाबाद से काँवर भर के पैदल भोलेनाथ का जयकारा लगाते हुए काँवर चढ़ाते है।
मन्दिर पर लिखने से होती है मनोकामना पूरी
नीलेश शुक्ल ने बताया यहाँ एक मान्यता ये भी है कि जो भक्त अपनी मनोकामना मन्दिर पर लिख कर जाते है उनकी मनोकामना सिद्धेश्वर नाथ तुरन्त पूरी करते है इसीलिए मन्दिर का नाम सिद्धेस्वर नाथ है ।
सुरक्षा के है कड़े इंतजाम
मेले को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किये गए है ।
थानाध्यक्ष पचदेवरा महेश पाल सिंह ने बताया कि एक सबइंस्पेक्टर दो कॉन्स्टेबल व 06 गार्ड चौबीस घण्टे मन्दिर परिसर में तैनात रहते है।
तथा 24 अगस्त को भीड़ भाड़ को मद्देनजर रखते हुए पूरा फ़ोर्स रहेगा जिससे मेले में किसी प्रकार को अव्यवस्था न हो सके।