अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष व प्रख्यात सन्त महन्त नरेन्द्र गिरि की सन्दिग्ध परिस्थिति में मृत्यु

अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष व प्रख्यात सन्त महन्त नरेन्द्र गिरि की देह सन्दिग्ध परिस्थितियों में फन्दे से लटकती पायी गयी है। भारतीय सन्त समुदाय के साथ ही आध्यात्मिक जगत के लिये भी यह अपूरणीय क्षति व हृदय विदारक घटना है।

ज्ञात हो कि श्री बाघम्बरी गद्दी मठ को लेकर नरेंद्र गिरि का अपने शिष्य आनंद गिरि के साथ विवाद चल रहा था। संत समाज की ओर से इसे सुलझाने की कोशिश की जा रही थी लेकिन यह दुःखद घटना अनेक प्रश्न लेकर सामने है। पुलिस नरेन्द्र गिरि की मौत की जाँच में जुट गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर लिखा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री नरेंद्र गिरि जी का देहावसान अत्यंत दुखद है। आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संत समाज की अनेक धाराओं को एक साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। प्रभु उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें। ॐ शांति!!

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

अखिलेश सिंह यादव ने ट्विटर के माध्यम से शोक जताते हुए कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य नरेंद्र गिरी जी का निधन, अपूरणीय क्षति! ईश्वर पुण्य आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व उनके अनुयायियों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। भावभीनी श्रद्धांजलि।