गंदगी से लोगों का बुरा हाल, बढ़ रहीं बीमारियां

बलिया-  एक ओर जहां पूरे देश में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है वहीं सूबे के बलिया शहर में इस अभियान का कोई असर होता नजर नहीं आ रहा। गंदगी का आलम यह है कि मोहल्लों की नालिया जाम हैं और कूड़े के ढेर से उठ रही दुर्गंध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।

लोगों का कहना है कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि शायद अब शहर में सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जाएगा । लेकिन धीरे-धीरे एक साल होने वाला है अब तक लोगों को गंदगी से निजात दिलाने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सबसे बुरी स्थिति महावीर घाट में है जहां शहर का लगभग 30 टन कूड़ा प्रतिदिन फेंका जाता है । जिसमें घरों से लेकर रेस्टोरेंट और अस्पतालों से निकलने वाला कचरा शामिल है। लोगों का कहना है कि कई दिनों तक कूड़ा न उठने से क्षेत्र के लोगों का सांस लेना दूभर होता है । कई बार तो कूड़े के ढेर में आग तक लगा दी जाती है। स्थानीय निवासी परमात्मा नन्द दुबे बताते है कि इतने सालों में कुछ नहीं बदला। गंदगी से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है खासकर बच्चों की सेहत पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। इसके कारण बच्चों को मलेरिया, डेंगू जैसी खरतनाक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बलिया के मुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि नगरपालिका को स्पष्ट आदेश दिए गए है की शहर में कूड़े के ढेर ना लगे और डम्पिंग ग्राउंड पर भी वेस्ट का डिस्पोजल सही तरीके से किया जाय।