किसानों को नहीं मिल पा रहा न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ

कछौना (हरदोई)- सरकार द्वारा किसानों का गेहूं सरकारी केंद्रों पर खरीदने का प्रावधान है। जिससे किसानों को उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल सके। परंतु क्रय केंद्र प्रभारियों एवं आढ़तियों के गठजोड़ के चलते किसानों का क्रय केंद्र पर गेहूं तौलना बहुत कठिन कार्य हो गया है। गेहूं विक्रय के सत्यापन से लेकर बिक्री तक जमकर अवैध वसूली की जाती है। काफी मशक्कत के बाद यदि अनाज क्रय केंद्र पर पहुंच भी गया तो केंद्रों पर मजदूर नहीं है, बारदाना नहीं है, एफसीआई पर गेहूं नहीं उतर पा रहा है ऐसे सैकड़ों बहाने बताए जाते हैं। इसके बावजूद भी किसान हिम्मत कर केंद्र पर कई दिनों तक ट्राली खड़ी करने को मजबूर हैं।

लगातार दो दिनों से बारिश के चलते किसानों का गेहूं भीग गया है तिरपाल आदि की व्यवस्था करने के बावजूद भी गेहूं को भीगने से नहीं बचाया जा सका। जिससे किसानों के चेहरों पर चिंता झलक रही हैं। वहीं गेहूं क्रय केंद्र तथा बाजार के भाव में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। जिसके चलते अनाज का उचित मूल्य पाने के लिए किसानों की क्रय केंद्रों पर आस बंधी हुई है। वहीं सरकार गेहूं खरीद के आंकड़े प्रदर्शित कर अपनी पीठ थपथपा रही है। जिससे किसानों का भरोसा सरकार से उठ रहा है। जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने पर संबंधित क्रय केंद्र प्रभारी पर उचित कार्यवाही की जाएगी।