हरदोई– संडीला तहसील के भरावान ब्लॉक के सहगवां गांव अंतर्गत अस्थायी आश्रय स्थल में बंद गोवंश की स्थिति काफी दयनीय होती जा रही है। यहां कई-कई दिन तक गोवंश को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा। वो प्यास से तड़पने को मजबूर हैं। इससे उनकी स्थिति बिगड़ती जा रही है। बीमार और घायल गोवंश के उपचार तक की व्यवस्था नहीं है।
किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे और सड़कों पर आवारा घूम रहे गोवंश के लिए पशुपालन विभाग ने पिछले दिनों अस्थायी रूप से आश्रय स्थल बनाया था। नगर निगम की टीमें यहां विभिन्न क्षेत्रों से गोवंश को पकड़-पकड़ कर छोड़ जाती हैं। इनकी रखवाली के लिए दो कर्मचारी अस्थायी रूप से रखे गए हैं। मगर यहां आने के बाद गोवंश को भूखा रखा जा रहा है।
किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे और सड़कों पर आवारा घूम रहे गोवंश के लिए पशुपालन विभाग ने पिछले दिनों अस्थायी रूप से आश्रय स्थल बनाया था। नगर निगम की टीमें यहां विभिन्न क्षेत्रों से गोवंश को पकड़-पकड़ कर छोड़ जाती हैं। इनकी रखवाली के लिए दो कर्मचारी अस्थायी रूप से रखे गए हैं। मगर यहां आने के बाद गोवंश को भूखा रखा जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पहले आसपास घूमकर ये अपना पेट भर लेते है, लेकिन अब प्यास से तड़प रहे हैं। वर्तमान में सौ से अधिक गोवंश को यहां रखा गया है। इनमें से कई गोवंश गंभीर रूप से घायल हैं और कुछ बीमार हैं।लेकिन इसको भी कोई देखने वाला नहीं है। आश्रय स्थल की व्यवस्थाएं सिर्फ दो ही अस्थायी कर्मचारियों के कंधों पर हैं। ये भी मौके पर कम ही मिलते हैं।
आसपास के लोगों का कहना है कि इस आश्रय स्थल के जिम्मेदार अफसर कई दिनों से व्यवस्थाएं देखने नहीं आए। गोवंश के लिए चारे की व्यवस्था है या नहीं, इसको भी कोई देखने वाला नहीं है। हमारे सूत्र के अनुसार सहगवां गांव की गौशाला में पीने के लिये पानी का अभाव है। वहां पर पानी का जो टैंक बना हुआ है वह पानी लगभग 15 दिन पुराना था। कई प्रकार की दुर्गंध आ रही थी। जिससे वहां पर काम करने वाले दोनों व्यक्तियों से मीडिया कर्मी ने पूछा कि पानी इतना गंदा क्यों है? दोनों व्यक्तियों ने बताया कि यहां की बिजली लगभग एक हफ्ते से कटी हुई है। जिसके कारण एक हफ्ते से पानी नहीं भरा गया है। बिजली का खंबा गिर गया है और कंप्लेंट की गई है अभी तक खंबा नहीं लग पाने के कारण पानी नहीं भरा गया है। जहां पर भूसा रखा हुआ था वहां का टिनशेड भी टूटा पड़ा हुआ था। वहां पर कुछ ही पशु है बाकी के पशु सब बाहर दूसरों के खेतों में टहल घूम रहे थे। यहाँ सब देख कर अंदाजा लगया जा सकता है कि कई-कई दिन तक गोवंश को चारा नहीं मिल पाता है। उनके लिए पानी तक की व्यवस्थाएं नहीं हैं। नगर निगम के कर्मचारी यहां उन्हें छोड़ तो जाते हैं लेकिन इसके बाद कोई पलटकर देखने नहीं आता। इन सब का जिम्मेदार कौन?