शराब व्यवसायी विजय माल्या बैंकों से करोड़ों रुपये कर्ज लेकर फरार हो गया। उसी तरह से यूपी के हरदोई जिला में एक छोटा विजय माल्या बैंक का करोड़ों रुपये लेकर बैठ गया। कई बार बैंक ने नोटिस भेजा लेकिन कर्जदार ने कोई उत्तर नहीं दिया। इसके बाद बैंक ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए युवक की संपत्ति कुर्क करने के निर्देश दिए। कोर्ट के निर्देश पर बुधवार को जिला प्रशासन के अधिकारी, बैंक के अधिकारियों के साथ कुर्की करने पहुंचे। हालांकि इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी मामले को दबाने में जुटे रहे।
जानकारी के मुताबिक, 28 मई 2013 को न्यू पाठक कृषि सेवा केंद्र जो कि सीएसएन कॉलेज के सामने स्थित है। ये सेवा केंद्र उदित मोहन पाठक और रामगुलाम पाठक की पार्टनरशिप में था। बताया जा रहा है कि दोनों ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 2,50,000 लोन लिया था। वर्ष 2017 में रामगुलाम पाठक की मृत्यु हो गई। वर्ष 2016 तक उदित ने बैंक का कर्ज नहीं जमा किया। मई 2016 में खाता एनपीए इसलिए हो गया क्योंकि उन्होंने बैंक से लिया गया लोन जमा नहीं किया था।
बैंक का ब्याज सहित 3 करोड़ 50 लाख रुपए लोन हो गया। कई बार बैंक ने नोटिस भेजा लेकिन आरोपी ने लोन नहीं जमा किया। इसके बाद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कुर्की करने के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम सदर राकेश कुमार करीब एक दर्जन वकील और बैंक मैनेजर बुधवार को उदित के घर कुर्की करने पहुंचे। इस दौरान कई थानों की फोर्स और पीएसी भी मौजूद रही।
बैंक के चीफ मैनेजर सांवरा अग्रवाल ने बताया कि 6 मार्च 2018 को चीफ जस्टिस विवेक चौधरी और दिलीप बी घोसले की बेंच ने कुर्की का आदेश दिया था। इसके बाद यह कार्यवाही की गई। बताया जा रहा है कि लखनऊ से फोन आने के बाद प्रशासन ने दबाव के चलते यह कार्यवाही रोकनी भी चाही और इस दौरान एसडीएम और जिला प्रशासन मामले को दबाने में जुटे थे।