पिछले दिनों ‘युक्ति पब्लिकेशंस’, आगरा की ओर से तीन नवीनतम कृतियाँ प्रेषित की गयी थीं। ‘अंकगणित’, ‘तार्किक अभियोग्यता/परीक्षण’ तथा ‘सामान्य अँगरेज़ी’ से सम्बन्धित प्रतियोगितात्मक परीक्षाओं की तैयारी करनेवाले विद्यार्थियों को लगता है कि निम्नांकित पुस्तकों की विषय-सामग्री उनके लिए उपयोगी है तो अवश्य क्रय करें।
इसी प्रकाशन-शृंखला के अन्तर्गत ‘समग्र सामान्य हिन्दी’ भी सार्वजनिक होनेवाली है, जो अब तक की प्रकाशित सभी ‘सामान्य हिन्दी’ की पुस्तकों में शीर्ष पर समासीन दिखेगी, जिसके कई कारण हैं। प्रत्येक प्रतियोगी विद्यार्थी के लिए ‘समग्र सामान्य हिन्दी’ अपरिहार्य सिद्ध होगी। वह कृति ‘भाषा’, ‘व्याकरण’, ‘भाषाविज्ञान’ तथा ‘साहित्य और संचना’ से युक्त लक्षित होगी, जो अब तक की किसी भी पुस्तक में ‘रहित’ हैं।
इसी माह (अगस्त) ‘समग्र सामान्य हिन्दी’ सार्वजनिक हो जायेगी, जो ‘अमेज़न’, ‘फ़्लिप कार्ट’ आदिक प्रतिष्ठानों में भी उपलब्ध रहेगी। उसे सार्वजनिक होते ही उसकी सूचना सम्प्रेषित की जायेगी।
जो भी शिक्षित-सुशिक्षितजन हिन्दी सीखना चाहते हों, उनके मनोवैज्ञानिक धरातल को भाँपते हुए, उनके लिए भी वह पुस्तक उपयोगी रहेगी।
‘समग्र सामान्य हिन्दी’ के पन्ने पलटने के बाद विषय की उपयोगिता, प्रासंगिकता तथा परीक्षापरकता का बोध हो, तभी क्रय करें, अन्यथा इस ‘बाज़ारवाद’ और ‘असमर्थ-विकृत’ लेखनवृत्ति के दौर में पुस्तकें पसरी पड़ी हैं।