जनता निचुड़ी जा रही, सुधि लेगा अब कौन?
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–राजनीति को क्या कहें, शब्द सभी हैं मौन।जनता निचुड़ी जा रही, सुधि लेगा अब कौन?दो–मुख पर चुगली नाचती, लिये पनौती माथ।वाम विधाता दिख रहा, छोड़ेंगे सब साथ।।तीन–अस्ली-नक़्ली सब यहाँ, भेद […]