● गाँवों से सफाईकर्मी पूरी तरह लापता, बजबजाती हुई नालियाँ लोग को संक्रमित करने के लिए काफी हैं ।
कछौना, हरदोई। कोरोना महामारी के लिए लोग भले ही चिंतित हो लेकिन कछौना कस्बे से गांवों तक फैली इस वीमारी को लेकर लोग परेशान है। जहां एक तरफ गांवों में गंदगी का अंबार है। वही दूसरी तरफ लगातार बढ़ते जा रहे वायरल संक्रमण से लोगो को बुखार से निजात मिलना मुश्किल बना हुआ है। हालात पूरी तरह बेकाबू नजर आ रहें है। इसी वायरल को लोग कोरोना जैसी महामारी समझकर भयभीत है। शहर से लेकर गांवो तक लगभग 60 से 70 प्रतिशत लोग संक्रमण की चपेट में है। हालांकि प्रशासन पूरी तरह इस महामारी पर विजय पाने के लिए लोगो से सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है।तमाम समाजसेवी संगठन भी इस आपदा में लोगो की सहायता करते देखे जा रहे है। लेकिन स्थिति दिनों दिन बिकराल होती जा रही है।
कस्बे से गांवो तक तेजी से फैल रहे वायरल फीवर से लोग परेशान है। गांवो का आलम यह है कि यहां लगभग 60 से 70 प्रतिशत घरों के लोग बुखार व खांसी, जुकाम से परेशान है। जांच के उपरांत लगातार पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद लोग घरों पर आइसोलेट हो रहे है। सावधानी भी बरत रहे है।लेकिन गांवो के लोगो को शासन व प्रशासन की तरफ से केवल कागजी सन्देश व सावधानियां बरतने की अपील ही सुनाई दे रही है। गांवो में न सेनेटाइजर का छिड़काव हो रहा है और न साफसफाई व्यवस्था पर ही ध्यान दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी का अंबार लोगो को संक्रमित करने के लिए काफी है। हालात में सुधार की बजाय दिनों दिन संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है।
कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रो में कॅरोना पॉजिटिव मरीजो की संख्या दर्जनों पार हो चुकी है। साथ ही यहां वायरल व बुखार से मरने वालो की संख्या भी लगभग आधा दर्जन पहुंच चुकी है। गांवो के सफाई कर्मी पूरी तरह लापता है। यहां नालियां बजबजाती हुई लोगो को संक्रमित करने के लिए काफी हैं, कोई सेनेटाइजर और न कोई एतिहात,केवल घरों पर कराहते हुए पैरासीटामाल के सहारे या फिर झोलाछाप डॉक्टर के सहारे लोग इस वायरल से बचाव को बेबश है। सीएचसी पर ओपीडी बंद है, केवल इमरजेंसी मरीजो को देखा जा रहा है।हालांकि अब तक लोग खुद सावधानी बरतने के लिए घरों पर काढ़ा व गरमपानी का सहारा ले रहे है।
रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता