वायसराय की स्वर्णजड़ित छः अश्वों वाली बग्गी के लिये दावेदारी

जब भारतवर्ष के दो टुकड़े मजहब के आधार पर किए जा रहे थे तो जमीन, सेना के साथ साथ अन्य चीजों का भी बंटवारा हुआ। भारत की ओर से श्री एच एम पटेल और पाकिस्तान की ओर से चौधरी मोहम्मद अली अपने-अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

जब तमाम चीजों का बंटवारा हो गया तो इस बात पर विवाद हो गया कि वायसराय की सोना जड़ित, छह ऑस्ट्रेलियाई घोड़ों द्वारा चालित बहुमूल्य बग्घी किसके हिस्से आएगी। बग्घी एक थी और दावेदार दो। जब दोनों देशों के प्रतिनिधियों के तमाम दावों और तर्कों के बाद भी बात न बनी तो इसका बंटवारा सिक्का उछालकर किए जाने का निर्णय लिया गया। तय हुआ कि सिक्का जिसके पक्ष में गिरेगा, बग्घी उसी की होगी।

भारत की ओर से राष्ट्रपति बॉडीगार्ड के पहले कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल ठाकुर गोविंद सिंह और पाकिस्तान की ओर से साहबज़ादा याकूब खान ने इस टॉस में हिस्सा लिया। टॉस में भारत के ठाकुर गोविंद सिंह विजयी रहे और बग्घी हमेशा के लिए भारत की हो गई ।

1950 में जब भारत का संविधान लागू हुआ तो डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद इस बग्घी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से गणतंत्र दिवस की परेड देखने के लिए राजपथ जाने वाले पहले व्यक्ति थे। इसके बाद गणतंत्र दिवस परेड, बीटिंग द रिट्रीट जैसे कार्यक्रमों और सैकड़ों एकड़ में फैले राष्ट्रपति भवन के अंदर घूमने के लिए इस बग्घी का उपयोग तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता रहा। हालांकि छह घोड़ों की जगह बाद में चार घोड़े ही बग्घी खींचते थे।

1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के पश्चात सुरक्षा कारणों से इस बग्घी का उपयोग बंद कर दिया गया और इसका स्थान बुलेट प्रूफ लिमोजिन गाड़ी ने ले लिया। उसके बाद के सभी राष्ट्रपति बुलेट प्रूफ कार से कहीं आते जाते थे।

2012 में श्री प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति बने तो उन्होंने 2014 में इसका प्रयोग पुनः शुरू किया । 2017 में नए राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने कार्यभार संभाला तो राष्ट्रपति भवन से श्री प्रणब मुखर्जी और रामनाथ कोविंद इसी बग्घी पर बैठकर कार्यभार हस्तांतरित करने आए और वापस भी गए। हालांकि आते और जाते समय उनके बैठने की जगह बदल गई थी। आते समय श्री प्रणव मुखर्जी बाईं ओर थे जबकि वापस जाते समय वह दाईं ओर बैठे।

फिलहाल यह बग्घी राष्ट्रपति भवन संग्रहालय में रखी है। कोई भी पचास रुपये का टिकट लेकर राष्ट्रपति भवन संग्रहालय देख सकता है और कुछ क्षण के लिए आभासी रूप से इस बग्घी में बैठकर अपनी फोटो भी खिंचवा सकता है।

(आशा विनय सिंह बैस)
नई दिल्ली, 8920940660