संसद ने ग्रेच्युटी भुगतान संशोधन विधेयक 2018 पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज शून्यकाल के दौरान इस विधेयक को बिना बहस के ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे पिछले सप्ताह पहले ही पारित कर चुकी है। विधेयक में मातृत्व अवकाश को नियमित सेवा का हिस्सा समझे जाने का प्रावधान है।
कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने आज नई दिल्ली में बताया कि सदन में राज्यसभा ने एक बहुत ही ऐतिहासिक बिल पारित किया है। पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट के संबंध में। ये नरेन्द्र मादी सरकार का जो कमिटमेंट है और वो वर्कर्स जो उसका संकेत है हम सदन के प्रति अनुगृहित हैं जो लोकसभा से पारित था आज राज्यसभा से पारित हो गया। सरकार को यह अधिकार होगा कि वह ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के लिए कर मुक्त ग्रेच्युटी की सीमा वर्तमान दस लाख रूपये से बढ़ाकर बीस लाख रूपये कर सकेगी।