सूर्यदेव के ताप का क़हर, पारा 42 पार

             सूर्यदेव ने रविवार को भी आग उगली। इससे तापमान 42 के पार पहुंचा तो तेज गर्म हवाओं के थपेड़ों से आमजन झुलस कर रह गया। कड़ी धूप और लू के थपड़ों से बचने के लिए सड़कों पर चलने वाले लोग भी छाया ढूंढते नजर आए।
            मई माह में सूर्य देव की प्रचंड किरणें तपिश का अहसास कराने लगी हैं। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा, बाजारों में वीरानी, हर किसी को छाया की तलाश, गर्मी के मौसम की गवाही दे रहा है। पिछले दिनों 41 डिग्री तक पहुंच चुके तापमान का पारा 42 के इर्द-गिर्द घूम रहा है।रविवार का दिन भी काफी गर्म रहा। सुबह से निकली तेज धूप ने नौ बजते ही पारा 40 पर पहुंचा दिया। मजबूरीवश घरों से निकले लोगों ने कड़ी धूप व तेज गर्म हवाओं से बचने का इंतजाम कर रखा था।

छतरी भी लोगों के हाथों में नजर आई


आंखों में चश्मा, सिर पर गमछा बांधकर भी लोग गर्मी से बेहाल दिखे। दोपहर के एक बजते ही तापमान 42 डिग्री पर जा पहुंचा। वहीं तापमान से आम आदमी से लेकर पशु पक्षी भी बेहाल हो उठे। सड़कों पर इक्का दुक्का लोग ही चलते-फिरते नजर आए। आलम यह रहा कि गर्म हवा और तेज धूप के चलते रोजमर्रा के वाहन चालक भी छाया में सुस्ताते दिखे।

बढ़ी गमछा और चश्मे की बिक्री


जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, लोग इससे बचाव के साधन जुटाते जा रहे हैं। भले ही गर्मी से बाजारों में सन्नाटा हो पर होजरी की दुकानों पर गमछा और स्टोल के खरीदारों की संख्या बढ़ रही है। यही हाल चश्मों की दुकानों का है। यहां हर किस्म के सस्ते व महंगे चश्मों की बिक्री में इजाफा हुआ है