हरपालपुर- जनप्रतिनिधियों की उदासीनता एवं शासन प्रशासन की उपेक्षा के चलते कटियारी के वाशिन्दे आज भी नरकीय जीवन जीने को मजबूर है।जलनिकासी की समुचित ब्यबस्था न होने के कारण हरपालपुर बाजार का मुख्य मार्ग मामूली बरसात में जलाशय का रूप ले लेता है।जिससे इलाके से आने बाले आम नागरिकों का इस मुख्य मार्ग से निकलना मुश्किल हो जाता है।आधा दर्जन से अधिक स्कूलों के नौनिहाल देश के कर्णधार स्कूल पहुंचने में ही इस दल दल का सामना करने से हिम्मत तोड़ देते है।ईमानदारी की दुहाई देने बाले ठेकेदार भी सड़क निर्माण के समय खाऊ कमाऊ नीति अपनाकर मरम्मत के नाम पर लाखों की धनराशि डकारने से नही चूकते।चुनावो मे लम्बे चौडे बादो के सहारे संसद तक का सफर तय करने बालो के पास कटियारी के विकास पर भी नजरिया डालने का समय नही मिलता।नतीजतन यहाँ के आम नागरिक चुनाव के बाद अपने को ठगा सा महसूस करते है।समूचे कटियारी के लिए एकमात्र कस्बा हरपालपुर के मुख्य मार्ग की बदतर हालात कटियारी के विकास की खुद ही कहानी बयां करती नजर आ रही है।
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