प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने और बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शांति निकेतन में बंगलादेश भवन का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि सड़क, रेल, अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग और तटवर्ती जहाजरानी के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच आपसी संपर्क तेज़ी से बढ़ा है। लेंड बाउंड्री व समुद्री सीमाओं जैसे जटिल विपक्षी विषय ये सुलझाना किसी समय यह लगभग असंभव माना जाता था। वे अब सुलझ चुके हैं। चाहे सड़क हो, रेल हो, अंतर्देशीय जलमार्ग हो या फिर कोस्टल शीपिंग हम कनेक्टीविटी के क्ष्ोत्र में भी तेजी से आगे बढ रहे हैं।
श्री मोदी कहा है कि उनकी सरकार गरीबों और उपेक्षितों के विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है। धनबाद में पांच प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखने के अवसर पर एक समारोह में श्री मोदी ने कहा कि जो लोग वोट बैंक की राजनीति करते हैं वे केवल अपने वोट बैंक के लिए काम करते हैं लेकिन उनकी सरकार सबका साथ सबका विकास के सिद्धांत पर काम करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 18 हजार गांव में निर्धारित तिथि से पहले ही बिजली कनेक्शन उपलब्ध करा दिए गए। श्री मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों की विफलताओं की वजह से ही इन गांवों के लोग बिना बिजली के अंधेरे में रह रहे थे। हमने तो एक जिम्मेदारी उठाई है कि हम आने वाले निर्धारित समय में जैसे 18 हजार गांव में बिजली पहुंचाने का काम पूरा किया। सौभाग्य योजना से चार करोड़ घरों में भी बिजली पहुंचा करके ही दम लेंगे।
आज आप एक के बाद एक हमने जो कदम उठाएं हैं उससे यह साफ नजर आ रहा है कि दिल्ली में बैठी हुई सरकार झारखंड विकास के लिए कितनी प्रतिबद्ध है। दलित हो, पीडि़त हो, शोषित हो, वंचित हो, मेरे आदिवासी भाई-बहन हो, महिलाएं हों, युवा हो, हर किसी के कल्याण के लिए एक के बाद विस्तृत योजनाओं के साथ हम आगे बढते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने झारखंड में 27 हजार करोड़ रुपये लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इनमें सिंदरी उर्वरक संयंत्र को दोबारा चालू करने की परियोजना, पतरातू सुपर थर्मल पॉवर संयंत्र, देवघर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, देवघर हवाई अड्डे का विस्तार और रांची में गैस पाइप लाइन परियोजना शामिल हैं।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार देश में अगले चार वर्षों में शिक्षा संस्थानों में सुधार और उनमें नई जान डालने के लिए एक लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी। पश्चिम बंगाल में शांति निकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि एक हजार करोड़ रुपये के निवेश से उच्च शिक्षावित्त पोषण एजेंसी की स्थापना की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों में नई खोज को बढ़ावा देने के लिए अटल नवसृजन प्रयोगशालाएं बनाने के लिए दो हजार चार सौ स्कूलों का चयन किया गया है।