योग क्या है ?

कवि राजेश पुरोहित (राजस्थान)


योग
आत्मा से परमात्मा का मिलन
निर्मलता स्वच्छता का संदेश
मानसिक शांति का उपाय
तन बने सुदृढ़
मन मे जगे आत्मविश्वास
नई उमंग
नई चेतना
नई स्फूर्ति
नए उल्लास का उदय
मुखमण्डल तेजोमय बने
आलस्य निद्रा प्रमाद
क्रोध, मद, मोह का
अहंकार सहित
सभी विकारों का
अंत है योग
विश्व शक्ति का
नया अनुभव
सांसों पर दृष्टि
विचारों का
आगमन का अंत
शांति का
दिव्य अनुभव
अलौकिक आनंद
प्राणायाम के होता
परायण
अनुलोम विलोम
भस्त्रिका
उद्गीथ
कपालभांति
आसन
सभी योगिक क्रियाएं
तन मन
स्वस्थ सुंदर बनाती
ओंकार ध्वनि
वायुमंडल
में ॐ
इसका प्रसारण
आध्यात्मिक
परिवेश
बनाता
योगमय धरती
बन जाती
विश्व शक्ति
का दिव्य
अनुभव
रोम रोम में
शक्ति का प्रवाह
निरोग बनाता
ये है योग ।