हमारे अध्यापक

धूल में मिट्टी के कण की तरह थे, 
आसमान का तारा बना दिया।
कितने प्यारे थे हमारे अध्यापक,
हर काम में काबिल बना दिया।
बहुत याद आओगे हमेशा,
कौन समझाएगा हमें आप जैसा।
हर काम में हमें आगे बढ़ाया,
आपके पढ़ाने का अंदाज 
बहुत पसंद आया।
आंखों में आंसू थे दिल में दुआएं थी,
आप हमेशा मुस्कुराते रहें 
यही हमारे दिल की अरदास रहेंगी।
किसी से भेदभाव नहीं करना 
यही तो आप सब में बात थी,
इसलिए हर किसी के दिल में 
आप सब बहुत खास थे।
                               
             संजना
        12वीं कक्षा की छात्रा
    राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला  
     गाहलियां कांगड़ा हिमाचल प्रदेश।