कवि राजेश पुरोहित, श्रीराम कॉलोनी भवानीमंडी, मोबाइल 7073318074
म्हारे गणपति न्योतो देवूं सा
थें तो बेगा पधार जो
म्हारी विनती सुण लीजो
ओ गणपति बेगा पधार जो
मूषक सवारी देवा
आप बिराजे
फुलां का मैं हार बनाऊँ
लड्डू को भोग लगाऊँ
बप्पा बेगा पधार जो
सिन्दूर चांदी वरक
देवा खूब चढ़ाऊँ
माता उमापति के लाल
थें तो बेगा पधार जो
गजानन की पहली पूजा
तन मन सूं आज करूँ
देवा बेगा पधार जूँ
अन्धन को आंख दो
कोढ़िन को दो काया
म्हारे रोम रोम में
गणपति समाया ।