राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’, कवि, साहित्यकार
81 साल की उम्र में शीला दीक्षित हम सबको 20 जुलाई 2019 को सदा के लिए छोड़ गयीं । लेकिन देश आज भी उनकी सियासत के किस्से याद कर रहा है । वह लम्बे समय से बीमार चल रही थी। एस्कॉर्ट अस्पताल में उपचार चला। दीक्षित की यादें आज भी लाखों दिलों में हैं।
उनको दिल्ली का चेहरा बदलने का श्रेय जाता है। उन्होंने दिल्ली में कई विकास कार्य करवाये। कॉंग्रेस पार्टी की कद्दावर नेता थी। 15 साल तक वे दिल्ली की मुख्यमंत्री रही। 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही। लगातार दिल्ली में कॉंग्रेस ने तीन बार सरकार बनाई। ये सब दीक्षित की लोकप्रियता का कमाल था। निजामुद्दीन में उनका आवास है।
शीला दीक्षित जी का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब प्रांत के कपूरथला में हुआ था। वे खत्री परिवार में पली बढ़ी। दिल्ली के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एन्ड मेरी स्कूल से आपने अध्ययन किया। फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कॉलेज से स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। उनका विवाह प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी तथा पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल उमा शंकर दीक्षित के पुत्र विनोद दीक्षित से हुआ था। विनोद जी उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले के ऊगू गांव के थे। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। एक रेल यात्रा के दौरान हृदयाघात होने से उनका निधन हुआ था। दीक्षित के एक पुत्र व एक पुत्री हैं। उनके पुत्र संदीप दीक्षित 15 वीं लोकसभा के पूर्व सदस्य हैं।
स्व. शीला दीक्षित 1984 से 1989 तक कन्नौज की सांसद रहीं। प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के कार्यकाल में 1986 से 1889 तक संसदीय कार्य राज्य मंत्री रही। 1998 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के लाल बिहारी तिवारी ने इन्हें हरा दिया था। बाद में वे मुख्यमन्त्री बनीं।
गोल मार्केट से 1998 तथा 2003 से चुनाव जीती। 2008 में नई दिल्ली से चुनाव लड़ा। 1970 में दीक्षित वीमेन एसोसिशन की अध्यक्ष रहीं। तब उन्होंने दिल्ली की कामकाजी महिलाओं के लिए दो बड़े छात्रावास बनाये थे। बाद में दीक्षित 1978 से 1984 के मध्य कपड़ा निर्यातकर्ता संगटन के कार्यपालक सचिव पद पर रहीं।
2010 में शीला दीक्षित जी को भारत ईरान सोसायटी द्वारा शिकोह पुरस्कार प्रदान किया गया था। 2013 में उत्कृष्ट सार्वजनिक सेवा हेतु उन्हें “द डिकेड अचीवर्स” पुरस्कार प्राप्त हुआ।
शीला दीक्षित का निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार किया। इससे पूर्व उनके अंतिम दर्शन हेतु भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, यू पी ए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, अभिनेत्री शर्मिला टैगोर, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने श्रद्धांजलि दी। शीला दीक्षित के निधन से बॉलीवुड में गम का माहौल छा गया था । कई कलाकारों ने ट्वीट कर दुख जताया। फ़िल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने शीला दीक्षित के काम की सराहना भी की। उर्मिला मातोंडकर व कमाल आर खान जैसे सिने स्टार ने भी दु:ख जताया ।

राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित”
कवि , साहित्यकार
भवानीमंडी