सिद्धान्त सिंह :
बसपा सुप्रीमो का कहना है कि उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार जिस तरह पिछले डेढ़ दो महीनों से शिलान्यास, लोकार्पण कर रही है; उससे लगता है कि चुनाव आने वाले हैं। ये सभी चुनावी एलान हैं। 50 फीसद भी वादे पूरे नही किये। ये सिर्फ घोषणाएं करते हैं और आधे-अधूरे कामों का लोकार्पण कर रहे हैं। मायावती ने ना सिर्फ बीजेपी पर हमला बोला बल्कि कांग्रेस व सपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर कांग्रेस ने उत्तरप्रदेश के अपने लंबे शासनकाल में किये गए वादों को पूरा कर लिया होता तो उसे वादे न करने पड़ते। यूपी में सिर्फ बसपा सरकार ने काम किया। जो मुफ्त राशन बांटा जा रहा है, वो चुनाव बाद बंद हो जाएगा। लोग को बरगलाने का काम शुरू हुआ है। सपा से सांठगांठ करके जिन्ना जैसे नए-नए साम्प्रदायिक मुद्दे गढ़े जा रहे हैं। जिससे चुनाव में हिन्दू मुस्लिम हो। ये सपा भाजपा का अंदर अंदर गठजोड़ दिखाता है।
एक बात सर्वविदित है कि इन दोनों पार्टियों की सोच साम्प्रदायिक है। जब सपा सत्ता में रहती है तब भाजपा मजबूत होती है। जब बसपा शासन में होती है तब भाजपा कमजोर होती है। चुनावीवादे करने पर कोई टैक्स नही लगता। ये चुनाव का समय ही बताएगा कि किसमे कितना दम है।
मायावती का कहना है कि जनता बीजेपी के बहकावे में न आये। जनता इनसे हिसाब करेगी। इनकी जातिवादी, पूंजीवादी, संकीर्ण मानसिकता की सोच दिखाई पड़ती है। इनसे लोग दुखी हैं। कोरोना काल मे लोगो के दुःख किसी से छिपे नही रहे।
यूपी की हर विधानसभा के लिए गठित की गई बूथ कमेटियों की समीक्षा बैठक 21 अक्टूबर से शुरू की जाएगी। बसपा एक-एक सीट ओर कई दावेदार दिखाकर हवा हवाई माहौल नही बनाती। हमारी सरकार हवा-हवाई घोषणा नहीं करती थी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, कुशीनगर एयरपोर्ट, जेवर एयरपोर्ट बनाने का जो भाजपा श्रेय ले रही है, जबकि असलियत में ये सभी बसपा सरकार की योजनाए थीं l