आज शाम स्विटजरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच के पूर्ण सत्र में प्रमुख वक्ता के रूप में अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत बुनियादी सुधार कर रहा है। दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की आवाज को बुलंद करते हुए कहा कि भारत में निवेश का अनुकूल माहौल है और वह सभी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का स्वागत करता है। भारत के बढ़ते कदमों पर प्रधानमंत्री ने कहा है कि लोकतंत्र, आबादी में युवा शक्ति का अनुपात और उत्साह से विकास का सपना साकार हो रहा है।
आज भारत में निवेश और काम करना पहले की अपेक्षा बहुत आसान हो गया है। भारत की अर्थव्यवस्था को जिस प्रकार से निवेश के लिए सुगम बना रहे हैं उसका कोई सानी नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने लाइसेंस-परमिट राज को जड़ से ख़त्म करने का प्रण लिया है। लाल फीताशाही हटा कर हम रेड कार्पेट बिछा रहे हैं। अर्थव्यवस्था के लगभग सभी क्षेत्र एफडीआई के लिए खुले हैं। सबका साथ, सबका विकास हमारी सरकार का मूल मंत्र है। सही मायने में विकास का मतलब सभी लोगों को साथ लेना है। अनिश्चित और निरन्तर बदल रहे विश्व में स्थिर, पारदर्शी और प्रगतिशील भारत, एक अच्छा उदाहरण है। श्री मोदी ने कहा कि आज के युग में शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना गंभीर वैश्विक चुनौती है। आज प्रौद्योगिकी का महत्व बढ़ता जा रहा है।
वर्ल्ड इक्नोमिक्स फॉरम में अपने अभिभाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक ऐसी दुनिया बनाने का आह्वान किया, जो आपसी विभाजन पर नहीं बल्कि सहयोग पर आधारित हो। विश्व आर्थिक मंच की विषय-वस्तु विभाजित विश्व में साझा भविष्य का निर्माण का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् यानी विश्व एक परिवार है का भारतीय दर्शन, विश्व में विभाजन और दूरियों को पाटने के लिए आज के समय में अधिक प्रासंगिक है। हम सब एक परिवार की तरह बंधे हुए हैं, हमारी नियतियों में एक साझा सूत्र हमें जोड़ती हैं। वसुधैव कुटुम्बकम् की यह धारणा दरारों और दूरियों को मिटाने के लिए और भी ज्यादा सार्थक है-रिलेवेंट है। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन को विश्व के सामने गंभीर चुनौती बताया है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद के मुद्दों पर भी विश्व का ध्यान आकर्षित किया और विश्व के नेताओं से इन चुनौतियों से निपटने का साथ मिलकर रास्ता निकालने को कहा। श्री मोदी ने कहा कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश के लिए लोकतंत्र केवल एक राजनीतिक व्यवस्था नहीं बल्कि जीवन शैली है।
अपने भाषण के बाद भारत के प्रधानमंत्री ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्राडेयू से मुलाकात की । दोनों नेताओं बीच आपसी हित के विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीदरलैंड की महारानी मैक्सिमा से भी भेंट की। दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के कदमों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने विश्व की प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से भी विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दावोस में अपनी यात्रा समाप्त कर आज शाम दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।