शिवसेना ने भाजपा से अलग होने का निर्णय कर लिया है । शिवसेना की ओर से कहा गया है कि वह अगले वर्ष लोकसभा और विधानसभा के चुनाव अकेले ही लड़ेगी । पिछले काफी समय से मौके-मौके पर दोनों ही सहयोगियों के सुरों में भिन्नता रही है । भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली मिली-जुली सरकार से शिव सेना अब अलग होना चाहती है । अलग होने का यह प्रस्ताव मुंबई में आज शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पारित किया गया । उद्धव ठाकरे को बैठक में फिर से पार्टी अध्यक्ष चुना गया है ।
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