राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि संस्कृत, विज्ञान और अध्यात्म की भाषा है। कल नई दिल्ली में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ के 17वें दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आर्यभट्ट, भास्कर, चरक, सुश्रुत और अन्य वैज्ञानिकों तथा गणितज्ञों की रचनाएं संस्कृत में ही हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि एक अच्छा व्यक्ति बनाना ही शिक्षा की असली परीक्षा है।
अच्छे मनुष्य का निर्माण करना शिक्षा की असली कसौटी होती है। यह आवश्यक है कि शिक्षा व्यवस्था मूल्य केन्द्रित हो ना कि केवल ज्ञान केंद्रित हो। शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य है व्यक्ति का संवेदनशील और चरित्रवान होना। सुशिक्षित व्यक्ति वो है जिसमें परोपकार की भावना और लोकहित के प्रति उत्साह होता है।